
नई दिल्ली। अयोध्या विवाद को लेकर आखिरकार सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है। इस फैसले के बाद लगातार तमाम पक्षों की ओर से प्रतिक्रियाएं भी आ रही हैं। इस विश्व हिंदू परिषद ( VHP ) की ओर से बड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है। विश्व हिंदू परिषद ने इस फैसले को पूरी तरह सत्य की जीत बताया है।
परिषद का कहना है कि इस फैसले के बाद अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण किया जाएगा। यही नहीं वीएचपी ने ये भी साफ किया है इस फैसले के बाद किस तरह राम मंदिर का निर्माण किया जाएगा। उसकी सूरत कैसी होगी।
दरअसल मंदिर निर्माण के लिए सुप्रीम कोर्ट ने तीन महीने में ट्रस्ट बनाने के लिए कहा है। यह ट्रस्ट जो निर्देश देगा उसी के आधार पर मंदिर निर्माण किया जाएगा।
पूरा हो चुका है पत्थर तराशने का काम
हालांकि वीएचपी के मुताबिक राममंदिर निर्माण के लिए 1990 में स्थापित की गई कार्यशाला में पत्थरों को तराशने का कार्य पूरा हो गया है। विहिप का दावा है कि मंदिर का लगभग आधे से ज्यादा काम पूरा हो चुका है। बचा हुआ जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।
वर्तमान में रामघाट स्थित मंदिर निर्माण कार्यशाला में प्रथम तल की पत्थर तराशी का काम लगभग पूरा हो गया है। विश्व हिंदू परिषद के प्रवक्ता शरद शर्मा के मुताबिक रामजन्मभूमि पर प्रस्तावित मंदिर 268 फुट लंबा और 140 फुट चौड़ा एवं 128 फुट ऊंचा होगा।
मंदिर की प्रथम पीठिका पर 10 फुट चौड़ा परिक्रमा का स्थान बनाया जाएगा।
दो मंजिल का होगा मंदिर
मंदिर दो मंजिल का बनाया जाएगा, और दूसरे मंजिल पर राम दरबार और उसके ऊपर शिखर होगा। राम मंदिर के हर तल पर 106 खंभे और हर एक खंभे में 16 मूर्तियां होंगी।
सिंह द्वार, नृत्यमंडप के जरिये सजेगा मुख्य द्वार
वीएचपी के मुताबिक, 'अग्रभाग, सिंह द्वार, नृत्यमंडप, रंगमंडप और गर्भगृह के रूप में मंदिर के मुख्यतया पांच प्रखंड होंगे। पूरा मंदिर बनने में 1 लाख 75 हजार घनफुट पत्थर लगना है। इसमें से 1 लाख घनफुट से ज्यादा पत्थर तराशे जा चुके हैं।'
Published on:
9 Nov 2019, 1:43 PM IST
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