
नई दिल्ली। हैदराबाद में महिला डॉक्टर के साथ रेप और हत्या करने वाले चारों आरोपियों के खिलाफ देशभर में गुस्सा भड़क उठा था और लोग फांसी की सजा देने की मांग कर रहे थे, लेकिन शुक्रवार की सुबह जो खबर सामने आई उससे एक नया विवाद शुरू हो गया है।
दरअसल, तेलंगाना पुलिस ने शुक्रवार तड़के चारों आरोपियों को एक एनकाउंटर में ढेर कर दिया। इसे लेकर कुछ लोग पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं तो कुछ खुशी जाहिर कर रहे हैं।
इन सबके बीच क्या आपको पता है कि देश में पहली बार एनकाउंटर की घटना कब हुई थी और कौन से राज्य की पुलिस ने किसको मार गिराया था?
1982 हुआ था पहला एनकाउंटर
आपको बता दें कि भारत में आधिकारी तौर पर पहला एनकाउंटर करने का रिकॉर्ड मुंबई पुलिस के नाम दर्ज है। मुंबई पुलिस ने 11 जनवरी 1982 को पहला एनकाउंटर को अंजाम दिया था।
दरअसल, मंबई में 80 और 90 के दशक के दौरान दाऊद इब्राहिम की डी-कंपनी गैंग, अरुण गावली गैंग और अमर नाईक गैंग में आपस में वर्चस्व की लड़ाई शुरू हो गई थी। लिहाज बढ़ते गैंगवार से निपटने के लिए मुंबई पुलिस ने 'एनकाउंटर स्क्वॉड' बनाया।
मुंबई पुलिस के दो अधिकारी राजा तांबट और इशाक बागवान ने कुख्यात अपराधी मान्या सुर्वे को मुंबई के वडाला में गोली मारी थी। इन दोनों की गोली मारकर ढेर करना मुंबई के साथ-साथ देश के इतिहास में आधिकारिक तौर पर पहला एनकाउंटर दर्ज हो गया।
क्या होता है एनकाउंटर
आपको बता दें कि ऐसे हालात जब गैंगस्टर या अपराधी को घेर लिया गया हो, उसे आत्मसमर्पण करने के लिए कहा जा रहा हो, लेकिन अपराधी पुलिस पर हमलाकर भागने की कोशिश करे और बदले में पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई में उसकी गोली लगने से मौत हो जाए। तो इसे एनकाउंटर कहा जाता है।
Published on:
06 Dec 2019 08:45 pm
बड़ी खबरें
View Allविविध भारत
ट्रेंडिंग
