
बर्फीली पहाड़ियों में चमत्कारः 50 साल पहले क्रैश हुए वायुसेना के विमान में सुरक्षित मिला जवान का शव
नई दिल्ली। पांच दशकों पहले दुर्घटनाग्रस्त हुए विमान के अवशेष अब जाकर बरामद हो रहे हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इसके साथ एक जवान का शव भी मिला है जो अब भी पूरी तरह से सही-सलामत है। 1968 में हादसे का शिकार हुए विमान संख्या एएन-12 में 102 यात्री सवार थे। अब करीब 50 साल बाद पर्वतारोहियों के एक दल को सफाई के दौरान हिमाचल प्रदेश के ढाका ग्लेशियर में सैनिक और विमान का अवशेष मिला है।
50 साल बाद भी सुरक्षित मिला शव
भारतीय पर्वतारोहण फाउंडेशन से सदस्य समुद्र तल से करीब 6200 मीटर की ऊंचाई पर ढ़ाका ग्लेशियर की सफाई में जुटे हुए थे। तभी उन्हें तो बर्फ में उन्हें कुछ जला हुआ दिखा। दल अलर्ट हो गया। कुछ देर बाद जब लोग आगे बढ़ें तो नजारा हैरान करने वाला था। बर्फ में किसी जहाज के अवशेष और एक शव दिखा। पास जाकर देखने पर पता चला कि शव एयरपोर्स के एक जवान का है, जो बर्फ में दबे होने की वजह से पूरी तरह सुरक्षित है। पर्वतारोहियों ने इसकी सूचना बेसकैंप को दी।
18 साल में पांच शव बरामद
इससे पहले 2003 में पर्वतारोहियों के एक दल को भी एक शव के अवशेष इसी ग्लेशियर से मिले थे। जिसकी पहचान सिपाही बेलीराम के रूप में हुई थी। दूसरी बार 2007 में भी यहीं से तीन शव बरामद हुए थे। वहीं वर्ष 2000 से 2017 के बीच पांच शव बरामद हो चुके हैं। लगातार शव मिलने से इस बात का अनुमान है कि बाकि लापता लोगों के शव भी इसी इलाके में मौजूद होंगे।
102 यात्रियों को लेकर लेह के लिए उड़ा था विमान
बता दें कि 7 फरवरी 1968 में चंडीगढ़ से लेह से एक विमान ने उड़ान भरी थी। जो रोहतंग दर्रे के आसपास कहीं गायब हो गया। विमान के आखिरी सिग्नल रोहतंग में मिला था तो अनुमान जताया गया कि विमान यहीं कही गायब हुआ होगा। बताया ये भी जाता है कि जब 102 यात्रियों को लेकर विमान लेह पहुंचा तो मौसम खराब होने की वजह से पायलट ने वापस जाने का फैसला लिया लेकिन वो दुर्घटना का शिकार हो गया। काफी दिनों तक विमान की तलाश की गई सफलता नहीं मिलने पर वायुसेना ने विमान संख्या एएन-12 को गायब घोषित कर दिया।
Published on:
21 Jul 2018 04:36 pm
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