अपनी अर्जी में पद्मा ने दावा किया है कि यद्यपि जेल नियमावली हर पखवाड़े में एक बार इस तरह की मुलाकात की इजाजत देती है लेकिन अधिकारियों ने उसकी बेटी को पिछले तीन महीने से अपने पति से नहीं मिलने दिया है। उसने कहा कि उसका दामाद मुरुगन इस मुद्दे पर एक जून से ‘‘भूख-हड़ताल’’ पर है और उसकी जान ‘खतरे’ में है।
आपको बता दें कि मई, 1991 में एक चुनावी रैली के दौरान लिट्टे ने श्रीपेरुम्बुदूर के पास राजीव गांधी की हत्या कर दी थी। दोषियों को सुनाया गया मृत्युदंड उम्रकैद में तब्दील कर दिया गया था। इन दोषियों में नलिनी के साथ उसका पति मुरुगन भी शामिल है। मुरुगन वेल्लोर की केंद्रीय जेल में है, जबकि नलिनी पास की महिला जेल में है।