Jharkhand: चारा घोटाले में Lalu Prasad Yadav को बड़ा झटका, हाई कोर्ट से नहीं मिली जमानत

HIGHLIGHTS

  • उच्‍च न्‍यायालय के जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की अदालत में लालू की जमानत याचिका पर बहस की गई।
  • अदालत ने लालू यादव की जमानत याचिका खारिज करते हुए दो महीने बाद नई जमानत याचिका दायर करने को कहा है।

रांची। बिहार के पूर्व मुख्य मंत्री और केंद्रीय रेल मंत्री रह चुके राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू प्रसाद यादव की जमानत याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करते हुए झारखंड हाईकोर्ट खारिज कर दी। लालू यादव को दुमका कोषागार से अवैध निकासी के मामले में जमानत नहीं मिली।

झारखंंड हाई कोर्ट ने लालू की जमानत याचिका खारिज करते हुए उन्‍हें बेले देने से इनकार करते हुए कहा कि आधी सजा पूरी होने में अभी करीब 2 महीने कम है। इसलिए उन्हें ऐसे हालात में बेल नहीं दी जा सकती। अदालत ने लालू यादव को दो महीने बाद नई जमानत याचिका दायर करने को कहा है।

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इससे पहले सुनवाई शुरू होने पर लालू प्रसाद की ओर से कपिल सिब्बल ने आधी सजा अवधि पूरी किए जाने को लेकर बहस की। तो वहीं आधी सजा काटने को लेकर भी दस्तावेज जमा किए गए हैं। इसके बाद केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई की ओर से लालू यादव की सजा आधी अवधि दो माह सात दिन कम होने संबंधी दस्तावेज जमा कर बहस की गई। बता दें कि उच्‍च न्‍यायालय के जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की अदालत में लालू की जमानत याचिका पर बहस की गई।

संभावना जताई जा रही थी कि खराब स्वास्थ्य से गुजर रहे लालू प्रसाद यादव आज (शुक्रवार) जेल से बाहर आ सकते हैं। दुमका कोषागार से अवैध निकासी यानी चारा घोटाले (Chara Ghotala, Fodder Scam) के मामले में लालू यादव को निचली अदालत से सात साल की सजा सुनाई गई है। अब जब लालू ने करीब आधी सजा काट ली है तो हाई कोर्ट से जमानत के लिए गुहार लगाई थी।

तेजस्वी यादव ने जताई थी जमानत मिलने की उम्मीद

बता दें कि लालू यादव के छोटे बेटे और बिहार विधानसभा (Bihar Assembly) के नेता प्रतिपक्ष तेजस्‍वी यादव (Tejashwi Yadav) ने सुनवाई शुरू होने से पहले कहा था कि आज हाई कोर्ट से पिता को जमानत मिलने की पूरी उम्‍मीद है। जमानत मिलने की उम्मीद को लेकर राजद नेता-कार्यकर्ता और राजद प्रमुख के समर्थकों का जमावड़ा राबड़ी देवी (Rabri Devi) के आवास के बाहर जमा हुए थे, लेकि न अब सबको मायूसी हाथ लगी है।

बता दें कि इससे पहले जमानत याचिका पर 12 फरवरी को झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई थी। सीबीआई ने कोर्ट से ऑर्डर सीट जमा करने का वक्त मांगा था। कोर्ट ने सीबीआई की मांग स्वीकार करते हुए अगली सुनवाई 19 फरवरी तक के लिए टाल दी थी।

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लालू यादव के अधिवक्ताओं के मुताबिक, निचली अदालत की जितनी रिपोर्ट झारखंड हाई कोर्ट ने मांगी गई थी, वह सारी रिपोर्ट उन्होंने कोर्ट में जमा कर दी थी, लेकिन, सीबीआई की तरफ से जानबूझ कर समय बढ़ाया जा रहा है।

 सीबीआई कर रही जमानत का विरोध

आपको बता दें कि सीबीआई लालू की जमानत याचिका का विरोध कर रही है। सीबीआई का कहना है कि लालू प्रसाद ने आधी सजा नहीं काटी है। आधी सजा काटने में 28 दिन कम है। लिहाजा, उन्हें जमानत नहीं दी जा सकती।

ऐसे में अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इस बार लालू यादव को बेल मिलती है या नहीं। मालूम हो कि यदि इस मामले में लालू को जमानत मिल जाती है तो वे जेल से बाहर आ सकते हैं, क्योंकि इससे पहले अन्य मामलों में पहले ही लालू को जमानत मिल चुकी है।

Anil Kumar
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