महाराष्ट्र में आफत की बारिश: 2 दिन में 136 लोगोंं ने गंवाई जान, सैंकड़ों गांव बाढ़ की चपेट में, अगले 48 घंटे बेहद अहम

महाराष्ट्र में पिछले कुछ दिनों से हो रही मूसलधार बारिश राज्य के लोगों पर कहर बनकर टूटी है। बारिश से जुड़ी घटनाओं और भूस्खलन में दो दिनों में 136 लोगों ने अपनी जान गंवाई है।

नई दिल्ली। महाराष्ट्र में पिछले कुछ दिनों से हो रही मूसलधार बारिश राज्य के लोगों पर कहर बनकर टूटी है। पिछले दो दिनों में तेज बारिश बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं सामने आई है। बारिश से जुड़ी घटनाओं और भूस्खलन में दो दिनों में 136 लोगों ने अपनी जान गंवाई है। अभी दर्जनों लोग फंसे हुए है। बाढ़ग्रस्त इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ के अलावा नौसेना ने भी मोर्चा संभाल रखा है। पुणे मंडल के तहत 84,452 लोगों को शुक्रवार को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। महाराष्ट्र सरकार ने कहा है कि अगले 48 घंटे बेहद अहम है।


बीते 48 घंटे में 136 लोगों की मौत
महाराष्ट्र में पिछले दो दिनों में 136 लोगों की बारिश से जुड़ी विभिन्न घटनाओं मौत हो गई और कई मलबे के नीचे दबे हैं। महाराष्ट्र आपदा प्रबंधन विभाग ने शुक्रवार रात को बताया कि ये लोग लैंडस्लाइड, बारिश-बाढ़ की चपेट में आकर मारे गए हैं। ज्यादातर मौतें रायगढ़ और सतारा जिलों से हुई हैं। भूस्खलन के अलावा कई लोग बाढ़ के पानी में बह गए। महाड़ में एनडीआरएफ की टीमें और स्थानीय अधिकारी बचाव कार्य में लगे हुए हैं।

 

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कोविड अस्पताल में घुसा पानी
भारी बारिश के कारण चिपलून के कोविड अस्पताल में भर्ती 8 लोगों की परिसर में पानी भरने के चलते मौत हो गई। कलेक्टर बीएन पाटील इसकी जानकारी दी है। पाटील ने कहा कि चार लोग वेंटीलेटर पर थे और उनकी मौत बिजली की कमी के कारण हो सकती है। शायद चार ट्रॉमा के चलते मारे गए।


बाढ़ से 821 गांव प्रभावित, एनडीआरएफ का बचाव कार्य जारी
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) टीमों, स्थानीय आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ, पुलिस और जिला प्रशासन द्वारा राहत एवं बचाव कार्य जारी है। अधिकारियों ने बताया कि भारतीय थल सेना और नौसेना की छह टीमों के शनिवार सुबह बचाव कार्य में शामिल होने की उम्मीद है। बाढ़ से 54 गांव प्रभावित हुए हैं जबकि 821 गांव आंशिक रूप से प्रभावित हुए हैं।


10 राजमार्गो सहित 39 सड़कें बंद, 40,882 लोगों को बचाया
महाराष्ट्र के समुद्रतटीय कोंकण, रायगढ़ एवं पश्चिम महाराष्ट्र में पिछले तीन दिनों से मूसलधार बारिश हो रही है। कोल्हापुर जिले में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से 40,882 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। बाढ़ के कारण 10 राज्य राजमार्गों सहित कम से कम 39 सड़कें यातायात के लिए बंद हैं। रायगढ़ जिले में एक गांव तलाई के नजदीक भूस्खलन से अबतक 44 लोगों की जान जा चुकी है। शुक्रवार को 32 शव मिले थे। वहीं बाकी शव आसपास के गांवों से मिले। 25 से ज्यादा लोग अभी भी मलबे में दबे हैं।

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पीएम मोदी और सीएम उद्धव ठाकरे देंगे आर्थिक मदद
इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और महाराष्ट्र सरकार ने भूस्खलन में मरने वाले लोगों के परिजन को आर्थिक मदद देने का ऐलान किया है। पीएम मोदी ने रायगढ़ हादसे पर दुख जताते हुए इसमें जान गंवाने वालों के परिवार को 2-2 लाख रुपए की आर्थिक मदद का ऐलान किया है। इसके अलावा घायलों को 50-50 हजार रुपए मिलेंगे। वहीं महाराष्ट्र सरकार मरने वालों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपए की वित्तीय मदद देगी।

Shaitan Prajapat
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