पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि 14 फरवरी को पुलवामा में हुए आतंकी हमले, लेथपोरा में सीआरपीएफ शिविर पर हुए हमले और अन्य आतंकी हमलों संलिप्त शीर्ष आतंकवादी कमांडर और उनके कैडर के आंतकी मारे गए आतंकियों की सूची में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि जैश-ए-मोहम्मद जैसे कुछ उग्रवादी संगठनों ने अपना सारा नेतृत्व घाटी में खो दिया है। सीमा पार उनके किसी भी दल का कोई भी आतंकी यहां आने और संगठन का नेतृत्व करने के लिए तैयार नहीं है।