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बच्चियों से दुष्कर्म करने पर अब दोषियों को मिलेगी मौत, नए अध्यादेश को मंजूरी

जम्मू और कश्मीर क्रिमिनल कानून संशोधन अध्यादेश पर राज्य मंत्रिमंडल ने तो पहले ही मुहर लगा दी थी जिसके बाद से ये मामला राज्यपाल के पास लंबित पड़ा था।

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बच्चियों से दुष्कर्म करने पर अब दोषियों को मिलेगी मौत, नए अध्यादेश का मंजूरी

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के कठुआ और उत्तर प्रदेश के उन्नाव में हुए गैंगरेप और हत्या जैसी दिल दहला देने वाली घटना से पूरा देश आग उगल रहा है। तभी से बच्चों के साथ यौन अपराध करने वाले अपराधियों के लिए फांसी की सजा की मांग तेज हो गई।

जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल ने दिया अहम फैसला

वहीं इस मामले में जम्मू और कश्मीर के राज्यपाल ने 12 वर्ष से कम आयु की बच्चियों से दुष्कर्म करने के दोषियों को फांसी की सजा देने वाले अहम अध्यादेश पर मुहर लगा दी है।

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बता दें कि जम्मू एंड कश्मीर क्रिमिनल कानून संशोधन अध्यादेश पर राज्य मंत्रिमंडल ने तो पहले ही मुहर लगा दी थी जिसके बाद से ये राज्यपाल के पास लंबित पड़ा था। लेकिन अब राज्यपाल ने भी इस अध्यादेश को मंजूरी दे दी है।

क्या कहता है नया कानून

इस अध्यादेश के तहत अब अगर कोई 12 वर्ष से कम आयु की बच्चियों से दुष्कर्म करता है तो उसे फांसी पर लटका दिया जाएगा। वहीं 16 वर्ष तक के बच्चों से दुष्कर्म पर 20 वर्ष के कारावास या उम्र कैद का प्रावधान दिया गया है। साथ ही अध्यादेश में ये भी बात रखी गई है कि मामले की जांच दो महीनों में पूरा करना होगा। वहीं मामले की सुनवाई छह महीने के अंदर ही पूरी हो जानी चाहिए। अगर इसमें किसी भी तरह कि लापरवाही या देरी की गई तो इसकी सूचना सर्वोच्च न्यायालय को देनी होगी।

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पुराना और नया कानून

बता दें कि पहले के प्रावधान में 12 साल तक की बच्ची से दुष्कर्म पर कम से कम सात साल और ज्यादा से ज्यादा उम्र कैद की सजा की बात कही गई है। जबकि नए प्रावधान के तहत कम से कम 20 साल और अधिकतम फांसी की सजा का प्रावधान दिया गया है।

गौरतलब है कि जम्मू- कश्मीर में कठुआ मामले के बाद से सीएम महबूबा मुफ्ती ने इस मामले पर सख्त कानून बनाने की बात रखी थी। तभी से इस अध्यादेश पर कानून बनाने की कवायद शुरू हो गई थी।