
नई दिल्ली। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने आध्यत्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर की संस्था आर्ट ऑफ लिविंग को झटका दिया है। एनजीटी के आदेश के बाद कोलकाता में ईएफडब्ल्यू स्थित वैदिक धर्म संस्थान की इमारत को तीन महीने के अंदर तोड़ दिया जाएगा। इसके साथ ही संस्था पर जुर्माना भी लगाया जाएगा।
क्या है मामला?
दरअसल कोलकाता में ऑर्ट ऑफ लिविंग की सहयोगी संस्था वैदिक धर्म संस्थान पर पर्यावरण कानून का उल्लंघन कर तीन मंजिला इमारत के निर्माण का आरोप लगा था। इस निर्माण को ईस्ट कोलकाता वेस्टलैंड कानून 2006 का उल्लंघन माना गया। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण से संबंधित एक एनजीओ ने एनजीटी में याचिका दायर की थी। इसके बाद एनजीटी के आदेश पर ईस्ट कोलकाता वेस्टलैंड मैनेजमेंट अथारिटी (EKWMA) ने वैदिक धर्म संस्थान के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई थी। पहले तो EKWMA ने संस्था को दो नोटिस जारी किए। जिसमें निर्माण कार्यों को तुरंत रोकने को कहा गया था। तमाम चेतावनियों के बाद भी इमारत के निर्माण का काम पूरा किया गया और वहां पर कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया।
क्या है एनजीटी का आदेश?
एनजीटी ने अब मामले की सुनवाई करते हुए पाया कि वैदिक धर्म संस्थान ने हरित कानून नियमों की अवहेलना की। इस पर तीन महीने के अंदर अवैध निर्माण को ढहाने का आदेश जारी किया है। साथ ही ईस्ट कोलकाता वेटलैंड मैनेजमेंट अथॉरिटी से चार महीने पर रिपोर्ट भी मांगी गई है। नियमों के मुताबिक संस्था पर जुर्माना भी लगाया जाएगा।
यमुना प्रदूषण पर भी लग चुकी है फटकार
आपको बता दें कि इससे पहले यमुना किनारे श्री श्री रविशंकर की संस्था ऑर्ट ऑफ लिविंग ने तीन दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया था। नियमों के उल्लंघन पर एनजीटी ने संस्था पर 5 करोड़ का जुर्माना लगाया था। इस पर श्री श्री रविशंकर ने जुर्माने नहीं देने को लेकर बयान दिया था, जिस पर भी एनजीटी ने उनको फटकार लगाई थी।
Published on:
28 Oct 2017, 7:49 PM IST
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