
पश्चिम बंगाल में लोकायुक्त के दायरे से बाहर हुईं ममता बनर्जी,भाजपा ने जताया विरोध
कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा ने शुक्रवार को लोकायुक्त संशोधन विधेयक पारित कर दिया। इस बिल में किए गए बदलावों के मुताबिक, अब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लोकायुक्त के दायरे से बाहर कर दिया गया है। इस फैसले के बाद भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में मुख्यमंत्री से पूछताछ नहीं हो सकेगी। इसके साथ मुख्यमंत्री कार्यालय को भी लोकायुक्त के दायरे से बाहर कर दिया गया है।
सिर्फ जनता पूछताछ करेगी
विधानसभा में बहस के दौरान ममता ने कहा कि उनसे केवल जनता पूछताछ कर सकती है और कोई नहीं। लोकतंत्र में बहस हो सकती है लेकिन गलतफहमी नहीं होनी चाहिए। जहां तक उनकी विश्वसनीयता की बात है तो केवल जनता मुझसे पूछताछ कर सकती है और कोई नहीं। मैंने अपना परिचय पत्र जनता के पास गिरवी रख दिया है।
ममता के निशाने पर पीएम
सीएम ममता बनर्जी का कहना है कि सरकार ने ये बदलाव केंद्र के कानून के मुताबिक किया है। ममता ने कहा कि वह जानती है कि संतुलन कैसे बैठाया जाता है लेकिन वह हरेक चीज की नकल नहीं करतीं हैं। सीएम का कहना है कि एक बहुमत प्राप्त सरकार संशोधन कर सकती है। यदि भविष्य में किसी पार्टी को राज्य में बहुमत मिलता है तो वह अपनी इच्छा के मुताबिक बदलाव कर सकती है। सीएम ने इसे लेकर मोदी सरकार पर भी हमला बोला है। उनका कहना है कि केंद्र सरकार ने अभी तक लोकायुक्त कानून को पास नहीं किया है।
बीजेपी का पलटवार
इसे लेकर भाजपा ने ममता सरकार के खिलाफ हमला बोला है। भाजपा नेता रूपा गांगुली ने कहा कि ममता के भतीजे और उनके भाइयों के घर देखिए। आप देखेंगे के उनके पास कितना धन है। उन्होंने कहा कि आप यह नहीं कह सकते हैं कि सीएम यह सब जानती नहीं हैं। उन्होंने बंगाल में भ्रष्टाचार को अनुमति दी। वह हवाई चप्पल वाली नेता की तरह व्यवहार कर रही हैं,लेकिन वह ऐसा हैं नहीं।
Published on:
27 Jul 2018 03:55 pm
