नई दिल्ली। देश की प्रमुख जांच एंजेसी केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) में अंदरूनी घमासान जारी है। अब इस घमासान में एक और अधिकारी कूद गए हैं। उन्होंने भी देश की सबसे बड़ी अदालत का रूख किया है। सीबीआई के डीआईजी मनीष कुमार सिन्हा ने अपने ट्रांसफर के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। सीबीआई अधिकारी राकेश अस्थाना केस की जांच कर रही टीम के हेड और आईपीएस अफसर मनीष कुमार सिन्हा नागपुर में हुए अपने तबादले के खिलाफ शीर्ष अदालत पहुंचे हैं। सिन्हा ने अपनी अर्जी पर कल आलोक वर्मा की याचिका के साथ ही सुनवाई करने की अपील की, लेकिन कोर्ट ने उनकी जल्द सुनवाई की मांग को ठुकरा दिया। कोर्ट ने कहा कि आपकी याचिका लिस्ट नहीं होगी, लेकिन मंगलवार की सुनवाई में आप मौजूद रहेंगे। बता दें कि मनीष कुमार सिन्हा ने अविलंब सुनवाई के लिये प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष अपनी याचिका का उल्लेख किया। इस पीठ में न्यायमूर्ति एस. के. कौल और न्यायमूर्ति के. एम. जोसेफ भी शामिल हैं। यह बेंच सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा की याचिका पर मंगलवार को सुनवाई करने वाली है। मनीष कुमार का आरोप है कि उनका तबादला नागपुर कर दिया गया है और इस कारण से वह अस्थाना के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी की जांच से बाहर हो गए हैं।