
नई दिल्ली। देश और दुनिया के लोग जल्द से जल्द कोरोना इलाज के लिए मेडिसिन या किसी वैक्सीन का इंतजार कर रहे हैं। ताकि इस महामारी से मानव समाज को राहत मिल सके। दुनिया भर की कंपनियां इस काम में जुटी हैं। इस दिशा में भारतीयों के लिए खुशी की बात ये है कि मुंबई की एक नवाचार कंपनी कोविद-19 ( Covid-19 ) की दवा बनाने के करीब पहुंच गई है।
मुंबई की इस नवाचार कंपनी का नाम ग्लेनमार्क ( Glenmark ) है। कंपनी एंटी-रेट्रोवायरल ड्रग्स फेविपिरविर ( Fevipiravir ) बनाने के करीब है। इस दवा को कोरोना वायरस के लिए संभावित उपचार के रूप में देखा जा रहा है।
दरअसल, ग्लेनमार्क ने एंटी-रेट्रोवायरल ( ARV ) दवा फेविपिरविर विकसित की है। इस दवा के वैश्विक स्तर पर सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। कंपनी ने भारत में परीक्षण के लिए विनियामक प्राधिकरण से स्वीकृत हासिल करने के लिए आवेदन किया है।
ग्लेनमार्क कंपनी ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा है कि ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ( DCGI ) के सामने फेविपिरविर की मार्केटिंग करने के लिए आवेदन जमा कर दिया है। ग्लेनमार्क की ये दवा एपीआई इन-हाउस कटेगरी की है। इसे बनाना दुनिया भर में बड़ी चुनौती के रूप में देखा जाता है। अगर डीसीजीआई से भारत में परीक्षण की अनुमति मिलती है तो कंपनी 60 से 100 मरीजों पर परीक्षण करेगी और उसके बाद दवा लॉन्च करेगी।
जापानी कंपनी Fujifilm ब्रांड एविगन के तहत फ़ेविपिरवीर दवा का विपणन करती है। जापानी कंपनी को इन्फ्लूएंजा के इलाज के लिए 2014 में मंजूरी मिली थी। इस दवा का इस्तेमाल इबोला के इलाज के लिए हुई थी। यह मेडिसिन पिछले साल से ऑफ-पेटेंट है। इसका मतलब है कि इसका जेनेरिक संस्करण संभवतः दुनिया में कहीं भी लॉन्च किया जा सकता है।
Updated on:
23 Apr 2020 04:42 pm
Published on:
23 Apr 2020 04:35 pm
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