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संभाजी भिडे को नोटिस, आम खाने से बच्चा होने का किया था दावा

नोटिस से संभाजी से पूछा गया है कि आप उन दंपत्तियों के नाम बताइए, जिन्हें आपके बगीचे का आम खाने के बाद बच्चा हुआ है।
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Sambhaji Bhide

संभाजी भिडे को नोटिस, आम खाने से बच्चे होने का किया था दावा

नासिक: महाराष्ट्र के भीमा-कोरेगांव हिंसा से चर्चा में आए दक्षिणपंथी नेता संभाजी भिडे अपने एक विवाविदत बयान घिर गए हैं। संभाजी ने कुछ दिनों पहले दावा किया था कि उनके बगीचे के आम खाने से अबतक कई दंपत्तियों को पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई है। समाज के कई तबकों ने उनकी कड़ी आलोचना की। अब उनके इस बयान पर नासिक महानगरपालिका (एएमसी) ने नोटिस भेजा है। नोटिस से संभाजी से पूछा गया है कि आप उन दंपत्तियों के नाम बताइए, जिन्हें आपके बगीचे का आम खाने के बाद पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई है।

संभाजी भिडे ने क्या कहा था

11 जून को एक जनसभा में संभाजी ने कहा कि था कि आम बेहद शक्तिशाली और पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। मेरे बगीचे के आम खाने वाली कुछ महिलाओं ने बेटों को जन्म दिया है। यब बात मैंने अपनी मां के अलावा किसी को नहीं बताया है कि बगीचे में ऐसे पेड़ लगे हैं। अबतक करीब 180 महिलाएं मेरे बगीचे का आम खा चुकी हैं, उसमें से लगभग 150 महिलाओं ने बच्चे को जन्म दिया है। अगर कोई दंपत्ति बेटे की इच्छा रखता है तो उसे पुत्र होता है। भिडे ने कहा कि बांझपन का सामना कर रहे लोगों के लिए यह आम बहुत फायदेमंद है।

यह भी पढ़ें: क्षेत्रवाद में बदला नोटबंदी का विवाद, राज ठाकरे बोले- अमित शाह पर कार्रवाई क्यों नहीं

एएमसी से कहा- किन लोगों को हुए बच्चे?

नासिक महानगरपालिका से एक सामाजिक कार्यकर्ता ने संपर्क कर संभाजी भिडे की शिकायत की। जिसके बादस्वास्थ्य अधिकारियों से संपर्क करने के बाद संभाजी भिडे को नोटिस भेजा गया है। इसमें भिडे से कहा गया है कि वो उस दावे की पुष्टि के लिए सबूत और नाम पेश करें, जिन लोगों ने उनके बगीचे के आम खाएं और उन्हें बच्चा हुआ है

बयान पर मचा विवाद

एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले ने भी संभाजी भिडे को बयान पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने कहा कि संभाजी की टिप्पणी सुनने के बाद एक महिला और एक मां के तौर पर वो आहत हुई हैं। अंधविश्वास विरोधी एक संगठन ने भी मांग की है कि संभाजी के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए।

कौन हैं संभाजी भिडे?

संभाजी भिडे श्री शिव प्रतिष्ठान संगठन के प्रमुख हैं। 80 साल दक्षिणपंथी नेता भिडे का असली नाम मनोहर है और वो 1 जनवरी 2018 को दलित शौर्य दिवस मनाए जाने के दौरान भीमा कोरेगांव में हुईं हिंसा के मुख्य आरोपी बनाए गए हैं। भिडे के अलावा मिलिंद एकबोटे पर भी हिंसा में मुख्य भूमिका होने का आरोप गया है। सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत नकारे जाने के बाद एकबोटे को गिरफ्तार किया जा चुका है, लेकिन अब तक संभाजी गिरफ्त से बाहर हैं । संभाजी को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर कई दलित संगठनों ने मार्च भी निकला है।

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