अंडमान और निकोबार कमांड 2001 में बनाई गई थी। यह देश की पहली और एकमात्र कमांड है, जो एक ही ऑपरेशनल कमांडर के अधीन जमीन, समुद्र और एयर फोर्स के साथ काम करती है। लेकिन लंबे समय से इस पर ध्यान नहीं दिया गया है और फंड्स की कमी, संसाधनों के निर्माण के लिए पर्यावरणीय मंजूरी ने इसे खुद को ठोस बनाने से बार-बार रोका है।