
Chhindwara assembly election-2018
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को पहली बार देश की सबसे बड़ी अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट में दाखिल होंगे। प्रधानमंत्री मोदी आतंकवाद, मानव तस्करी और ड्रग्स स्मगलिंग की रोकथाम के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी BIMSTEC यानी बंगाल की खाड़ी के देशों के मुख्य न्यायाधीशों से सीधी बात करेंगे। यह पहला अवसर होगा जब कार्यपालिका के प्रमुख प्रधानमंत्री मोदी न्यायपालिका के प्रमुख मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई के साथ सुप्रीम कोर्ट में बैठक करेंगे। बता दें कि यह बातचीत 26 नवंबर को होने वाले संविधान दिवस की पूर्व संध्या पर हो रही है। बातचीत मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता में होगी। दोपहर बाद तीन बजे से कार्यक्म शुरू होगा। राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस में सीमा पार आतंकवाद, बहुराष्ट्रीय संगठित अपराध, मानव और नशीले पदार्थों की तस्करी से संबंधित मुकदमों और उनसे जुड़े कानूनी पहलुओं पर विचार विमर्श किया जाएगा।
भारत में आयोजित हो रहा है जजों का कॉन्फ्रेंस
बिम्सटेक (बे ऑफ बेंगाल इनीशिएटिव ऑफ मल्टी सेक्टरल, टेक्निकल एंड इकोनोमिक कोऑपरेशन) देशों के जजों का पहला कॉन्फ्रेंस है, जो भारत में आयोजित किया जा रहा है। खबरों में कहा जा रहा है कि पहले कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री के शामिल होने की योजना नहीं थी, लेकिन शनिवार को मूल कार्यक्रम में बदलाव किया गया।
अगले दिन सार्वजनिक होंगे फैसले
सुप्रीम कोर्ट परिसर में होने वाले कॉन्फ्रेंस में बांग्लादेश और म्यांमार के चीफ जस्टिस, नेपाल, थाईलैंड और भूटान के जज हिस्सा ले रहे हैं। इस कार्यक्रम में लिए निर्णय अगले दिन सोमवार को संविधान दिवस के मौके पर राष्ट्रपति कोविंद की मौजूदगी में सार्वजनिक किया जाएंगे।
Updated on:
25 Nov 2018 11:58 am
Published on:
25 Nov 2018 11:48 am
