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Guru Tegh Bahadur Jayanti: गुरु तेगबहादुर के 400वें प्रकाश पर्व पर दिल्ली के गुरुद्वारे पहुंचे पीएम मोदी, कही ये बात

Guru Tegh Bahadur Jayanti गुरु तेग बहादुर के 400वें प्रकाश पर्व पर दिल्ली के शीशगंज साबिह गुरुद्वारा पहुंचे पीएम मोदी

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May 01, 2021
Prime Minister Narendra Modi visited Gurudwara Sis Ganj Sahib in Delhi

नई दिल्ली। सिखों के नौवें गुरु श्री गुरु तेग बहादुर ( Guru Tegh Bahadu ) जी का 400 प्रकाश पर्व शताब्दी समारोह के रूप में मनाया जा रहा है। कोरोना वायरस महामारी के बीच इस पर्व को पाबंदियों के बीच ही मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( PM Narendra Modi ) ने शनिवार को गुरु तेग बहादुर की 400 वीं जयंती पर राष्ट्र को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि गुरु तेग बहादुर का बलिदान कई लोगों को "शक्ति और प्रेरणा" देता है।

पीएम मोदी शनिवार सुबह दिल्ली स्थित श्री शीशगंज गुरुद्वारा पहुंचे। यहां उन्होंने मत्था टेका और सिख समुदाय के लोगों से बातचीत की। खास बात यह है कि बिना सिक्योरिटी प्रोटोकॉल के वहां पहुंचे थे।

सिखों को नौवें गुरु श्री गुरु तेगबहादुर का 400वां प्रकाश पर्व देशभर में कोरोना वायरस प्रोटोकॉल के तहत मनाया जा रहा है। पंजाब में दो दिन पहले से ही इस पर्व को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। हालांकि समारोह में ज्यादा लोगों को शामिल नहीं किया जा रहा है।

इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी दिल्ली स्थित शीशगंज साहब गुरुद्वारा पहुंचे। यहां उन्होंने मत्था टेका और सिख समुदाय के लोगों से चर्चा की। गुरुद्वारा पहुंचने के बाद पीएम मोदी ने प्रार्थना की और कुछ समय वहीं बिताया।

इससे पहले पीएम मोदी ने ट्वीट कर देशवासियों को गुरु तेग बहादुर के 400वें प्रकाश पर्व पर शुभकामनाएं भी दीं। उन्होंने कहा, गुरु तेगबहादुर का बलिदान कई लोगों को 'शक्ति और प्रेरणा' देता है।

उन्होंने लिखा- 400 वें प्रकाशोत्सव के विशेष अवसर पर, मैं श्री गुरु तेग बहादुर जी को नमन करता हूं। उनके साहस और दलितों की सेवा के उनके प्रयासों के लिए उन्हें विश्व स्तर पर सम्मानित किया जाता है। उन्होंने अत्याचार और अन्याय के लिए झुकने से इनकार कर दिया। उनके सर्वोच्च बलिदान से ताकत तो मिलती है साथ ही प्रेरणा भी मिलती है।

दरअसल बताया जाता है कि इस समय जहां पर शीशगंज गुरुद्वारा बना है वहां इस्‍लाम कबूल न करने पर मुगल बादशाह औरंगजेब के कहने पर एक जल्‍लाद ने श्री गुरु तेग बहादुर के साथ उनके शिष्‍यों का गला काट दिया था।

औरंगजेब की ओर से धर्म परिवर्तन के नाम पर कई तरह के प्रलोभन भी दिए गए थे और बाद में गुरु तेग बहादुर के सामने उनके शिष्‍यों को मौत के घाट उतारा था। इसके बाद भी उन्होंने साफ कहा था कि शीश कटा सकते हैं पर केश नहीं।

आपको बता दें कि इससे पहले 8 अप्रैल को भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि श्री गुरु तेग बहादुर जी के 400 वें प्रकाश पर्व का अवसर एक आध्यात्मिक सौभाग्य के साथ-साथ राष्ट्रीय कर्तव्य भी है।

बता दें कि पहले ऐसी खबर आई थी कि श्री गुरु तेग बहादुर के 400वें प्रकाश पर्व के मौके पर पीएम मोदी श्री गुरु तेग बहादुर के स्मारक का लोकार्पण करेंगे। लेकिन कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे के बीच शायद ये नहीं किया गया।

Published on:
01 May 2021 10:08 am
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