
pinarayi vijayan
नई दिल्ली। केरल के मुख्यमंत्री और माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेता पिनाराई विजयन ने राज्य में 'जनरक्षा यात्रा' शुरू करने वाली भाजपा और संघ परिवार के साथ 'नख से शिख' तक लडऩे का ऐलान करते हुए कहा कि संघ परिवार केरल को 'बर्बाद' करना चाहते हैं, जो यहां की जनता होने नहीं देगी। एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि भाजपा 'अपनी नीतियों के साथ देश की दुश्मन बन गई है' और देश नोटबंदी और वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के कारण गंभीर आर्थिक संकट में पड़ गया है।
उन्होंने भाजपा पर पूरी तरह आरएसएस की विचारधारा पर चलने और लोगों की खाने-पीने की आदतों में जबरन बदलाव करने और बुद्धिजीवियों के खिलाफ हिंसा के जरिए असहिष्णुता फैलाने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने केरल में वाममोर्चा के खिलाफ भाजपा-आरएसएस के 'फ्लॉप शो', गोमांस प्रतिबंध और देश में असहिष्णुता के माहौल के बारे में भी बात की।
जनरक्षा यात्रा को बताया फ्लॉप शो
विजयन ने चुनाव अभियान शुरू करने के लिए इस महीने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह द्वारा कन्नूर के पय्यानूर में निकाली गई जनरक्षा यात्रा को 'पूरी तरह फ्लॉप' करार दिया। उन्होंने कहा, "अमित शाह को लगा कि पूरा केरल पागल होकर उनके पीछे आएगा। मार्च में उनके साथ सड़क पर चल रहे लोगों के अलावा कोई उनके स्वागत के लिए नहीं खड़ा था। इस विफलता के बाद अमित शाह ने अगले दिन का मार्च रद्द कर दिया, जो वह कन्नूर में मेरे घर के सामने से निकालने वाले थे।"
केरल में हिंसा के लिए आरएसएस जिम्मेदार
केरल के कन्नूर जिले में माकपा और आरएसएस कार्यकर्ताओं के बीच राजनीतिक हिंसा और सत्तारूढ़ दल पर संघ परिवार द्वारा किए जा रहे मौखिक हमलों के बारे में पूछे जाने पर विजयन ने इसके लिए पूरी तरह आरएसएस को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, "इसकी शुरुआत आरएसएस ने की थी। यह हमला एक खास तरह से ताकत (क्षेत्र का नियंत्रण) हासिल करने के लिए किया गया था।"
शांति बहाली की कोशिशें की गईं
उन्होंने कहा, "अब, हमने शांति वार्ताओं के जरिए इस हिंसा को खत्म करने का प्रयास किया है। मुख्यमंत्री बनने के बाद हमने सर्वदलीय बैठकों और द्विपक्षीय बैठकों के माध्यम से दो स्तरों पर चर्चाएं कीं और शांति बहाली के प्रयास पर सहमति बनी।" उन्होंने कहा कि लेकिन इसके बाद भी घटनाएं हुई जिसकी अगुवाई आरएसएस ने की। यही वजह है कि यह समस्या समाप्त नहीं हो रही है।
खान-पान आदतों पर प्रतिबंध गलत
गोमांस प्रतिबंध से जुड़े विवादों पर उन्होंने कहा कि भाजपा, आरएसएस की असहिष्णुता की नीतियों को लागू कर रही है। उन्होंने कहा, "लोगों की खाने-पीने की आदतें भिन्न होती हैं। क्या कोई कह सकता है कि तुम्हें वही खाना चाहिए, जो मैं खाता हूं? अगर कोई ऐसा करता है, तो क्या समाज इसे स्वीकार करेगा? लेकिन वे (भाजपा) उच्च स्तर की असहिष्णुता के साथ इसे जबरन लाद रहे हैं। वे ऐसा इसलिए कर रहे हैं क्योंकि वे सत्ता में हैं।"
विरोध की परंपरा रही है देश में
कथित तौर पर दक्षिणपंथी ताकतों द्वारा बुद्धिजीवियों की हत्याओं के बारे में उन्होंने कहा, "आपका विचार मेरे विचार से अलग हो सकता है और मैं खुलकर उसका विरोध कर सकता हूं और हमारे देश में यही परंपरा रही है। लेकिन, अब जो लोग आवाज उठाते हैं, उनकी हत्या कर दी जाती है। पनसारे, दाभोलकर मारे गए। फिर गौरी लंकेश और शांतनु। इस सबसे उच्च स्तर की असहिष्णुता जाहिर होती है।"
Published on:
17 Oct 2017 08:15 pm
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