7 फ़रवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

आध्यात्मिक गुरु दादा वासवानी का निधन, अगस्त में 100 साल की होने वाली थी उम्र

संत दादा जेपी वासवानी का गुरुवार को निधन हो गया है। वासवानी 99 साल के थे और अगस्त में 100 साल के होने वाले थे।

2 min read
Google source verification
news

'हिन्दू पाकिस्तान' को लेकर शशि थरूर का भाजपा को करार जवाब, हिन्दू राष्ट्र पर स्पष्ट करे स्थिति

नई दिल्ली। संत दादा जेपी वासवानी का गुरुवार को निधन हो गया है। वासवानी 99 साल के थे और अगस्त में 100 साल के होने वाले थे। आध्यात्मिक गुरू वासवानी लंबे समय से अस्थ्वास्थ चल रहे थे। साधु वासवानी मिशन के प्रमुख थे। वासवानी का जन्म दो अगसत 1918 को हैदराबाद में हुआ था। वह एक भारतीय गैर-सांप्रदायिक आध्यात्मिक नेता थे। उन्होंने पूरे जीवन शाकाहार और पशु अधिकारों के लिए काम किया। वासवानी अपने साधु वासवानी मिशन के आध्यात्मिक प्रमुख थे। जानकारी के अनुसार वासवानी ने विभिन्न विषयों पर 150 से अधिक किताबे लिखी हैं।

योगेंद्र यादव के समर्थन में उतरे केजरीवाल का बयान, बदले की सियासत से बाहर आए मोदी सरकार

कांग्रेस ने राखी सावंत का वीडियो पोस्ट कर लिखा- 'मोदी जी, लो मिल गया आपका दामाद'

तीन बहनें और चार भाई थे

वासवानी ने अपनी बेसिक शिक्षा केवल तीन सालों में ही पूरी कर ली थी। जिसके बाद उनका दाखिला अंग्रेजी मीडियम स्कूल में कराया गया था। जब वह हाईस्कूल में थे तो पिता का साया उनके सिर से उठ गए। ऐसे में उनका परिवार घोर आर्थिक संकट में फंस गया और उनको सरकार स्कूल में पढ़ाई शुरू करनी पड़ी। उनका पार्थिव शरीर पुणे स्थित उनके मिशन मुख्यालय में अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। परिवार में वासवानी के अलावा और सात भाई-बहन थे, जिनमें तीन बहनें और चार भाई थे।

बुराड़ी कांड़: घटना वाले दिन पल-पल बदल रहा था ललित का व्यवहार, दिन भर रहा बेचैन

वासवानी के पिता हैदराबाद में ही टीचर थे

वासवानी के पिता हैदराबाद में ही टीचर थे। आपको बता दें कि पिछले साल पीएम नरेंद्र मोदी ने वासवानी के 99वें जन्मदिन पर वीडियो कॉन्फ्रेंस कर लोगों को संबोधित किया था। उनके निधन की पुष्टि मिशन की ओर से गुरुवार सुबह की गई। मिशन की ओर से कहा गया कि पवित्र गुरुवार दिवस 12 जुलाई को हमारे प्रिय दादा वासवानी हमें छोड़कर चले गए।