
नई दिल्ली। प्रचंड रूप ले चुका चक्रवाती तूफान ‘तितली’ ओडिशा पहुंच गया है। ओडिशा-आंध्र प्रदेश तट पर पहुंचे तितली के चलते तटीय इलाकों में 126 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। हालांकि इसका सबसे अधिक प्रभाव ओडिशा के तट पर बना हुआ है। तूफान की गति इतनी अधिक है कि गोपालपुर और बेरहामपुर में कई पेड़ उखड़ कर सड़क पर आ गिरे हैं। वहीं प्रशासन ने मुस्तैदी बरतते हुए तूफान में होने वाले नुकसान से बचाव के लिए ओडिशा, आंध्र प्रदेश, बंगाल के कई इलाकों में रेड अलर्ट जारी कर दिया है व अलग-अलग जिलों में एनडीआरएफ 18 टीमें तैनात कर दी हैं।
रायबरेली ट्रेन हादसे से दुखी नीतीश कुमार, मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख मुआवजे की घोषणा
आपको बता दें कि ओडिशा सरकार ने तूफान के चलते 11 और 12 तारीख को स्कूल-कॉलेज बंद रखने की घोषणा की है। इसके साथ ही ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक ने तूफान से निपटने की तैयारियों का जायजा लिया है। उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के तट पर तूफान को ध्यान में रखते हुए कई ट्रेनों का रूट बदल दिया गया है। वहीं, दिल्ली में केबिनेट सचिव पीके सिन्हा ने नेशनल क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी की बैठक ली। इस दौरान उन्होंने तितली चक्रवात से निपटने के लिए की जा रही तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में तूफान की भयावहता को देखते हुए राज्य सरकार और केंद्र की टीमों को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं।
रिपोर्ट: चुनाव आयोग को फर्जी दस्तावेज देकर चुनाव लड़ गए 194 नेता, बन गए सीएम, मंत्री और सांसद
दिल्ली में सक्रिय फर्जी बाबाओं का गैंग, भगवा कपड़ों में लोगों से लिफ्ट लेकर चुराते हैं सामान
प्रशासन ने तितली चक्रवात के दौरान सभी अधिकारियों की छुट्टियों पर रोक लगा दी है। तूफान और बारिश से पूरे राज्य में प्रभाव की आशंका बताई जा रही है।