राम मंदिर निर्माण की अंतिम तिथि होगी तय, ट्रस्ट कल करेगा पहली बैठक

  • राजधानी दिल्ली में आयोजित होगी श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक।
  • आधारशिला का शुभ मुहूर्त, चंदा जुटाने की प्रक्रिया और चुनाव की संभावना।
  • चंदा जुटाने की प्रक्रिया को पारदर्शी और विवादमुक्त बनाना है बड़ी प्राथमिकता।

नई दिल्ली। राम मंदिर निर्माण (Ram mandir in ayodhya) को लेकर एक ताजा खबर आ रही है। केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (Sri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust) ने मंदिर निर्माण शुरू करने के 'मुहूर्त' तय करने के लिए अपनी पहली बैठक कल यानी बुधवार 19 फरवरी को तय की है। इस बैठक के दौरान ट्रस्ट मंदिर निर्माण को लेकर आगे की कार्ययोजना बनाने के साथ ही पारदर्शी ढंग से चंदा जुटाने पर भी चर्चा करेगा।

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राजधानी दिल्ली में होने वाली राम मंदिर ट्रस्ट की इस पहली बैठक में इसके एजेंडा पर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जाएंगे। सूत्रों की मानें तो ट्रस्ट इस दौरान प्रमुख रूप से राम मंदिर निर्माण के कार्यक्रम की समयसीमा पर अंतिम फैसला ले सकता है। इसके अलावा ट्रस्ट के सदस्य बैठक में किस तरह से इस कार्य के लिए धन जुटाया जाए, इस पर भी चर्चा करेंगे।

सूत्रों का कहना है कि बैठक में ट्रस्ट के सदस्य इस बात पर गहन विमर्श करेंगे कि कैसे मंदिर निर्माण के लिए आम आदमी से चंदा जुटाया जाए, वो भी यह ध्यान में रखते हुए कि यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होने के साथ ही किसी विवाद से मुक्त हो।

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सूत्र ने कहा, "मंदिर निर्माण पूरा करने की समयसीमा तय करने के साथ ही सदस्य संभवता आधारशिला रखने के लिए शुभ 'मुहूर्त' पर फैसला लेंगे। इसके अलावा निर्माणकार्य आगे बढ़ने के साथ रामलला की मूर्ति की उचित स्थापना भी प्रमुख एजेंडा है।" वहीं, बैठक के दौरान ही ट्रस्ट के पदाधिकारियों का चुनाव भी हो सकता है।

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सूत्रों का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) पहले ही इन मुद्दों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के लिए कह चुके हैं। बता दें कि बीते वर्ष 9 नवंबर को राम मंदिर निर्माण को लेकर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के फैसले के बाद बीते माह जनवरी ने केंद्र सरकार ने रामजन्मभूमि ट्रस्ट का गठन किया था।

भारतीय जनता पार्टी (Bhartiya Janata Party) की स्थापना के साथ ही पार्टी हर चुनावी घोषणा-पत्र में अयोध्या की जन्मभूमि पर भव्य राम मंदिर के निर्माण का वादा करती आई है।

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सरकार द्वारा अधिसूचित किए गए इस ट्रस्ट का कार्यालय दिल्ली के ग्रेटर कैलाश में है और यही पता सुप्रीम कोर्ट में वर्षों तक चले केस में रामलला की ओर से केस लड़ने वाले वरिष्ठ वकील के परासरन (Advocate K Parasaran) का भी है।

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15 सदस्यीय इस ट्रस्ट में नौकरशाह के अलावा धार्मिक व्यक्ति और नागरिक भी शामिल हैं। इस ट्रस्ट को बहुमत के साथ दो सदस्यों को नामित करना है। इनमें केंद्र सरकार द्वारा नामित किया जाने वाला एक संयुक्त सचिव स्तर का आईएएस अधिकारी और दूसरा अयोध्या का जिलाधिकारी होगा।

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अमित कुमार बाजपेयी
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