22 अक्टूबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

दो दिवसीय केन्या दौरे पर बराक ओबामा, जातीय तनाव समाप्त करने की बात कही

अमरीका के पूर्व राष्ट्रपति बराक दो दिनों के लिए केन्या दौरे पर है। आज उनके दौरे का आखिरी दिन है। अपने दौरे के आखिरी दिन उन्होंने कहा कि जातीय तनाव और संघर्षों को समाप्त करना चाहिए।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

•

image

Shiwani Singh

•

Updated: 17 Jul 2018, 1:26 PM IST

barak obama

दो दिवसीय केन्या दौरे पर बराक ओबामा, जातीय तनाव समाप्त करने की बात कही

वाशिंगटन।अमरीका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने जातीय तनाव और आदिवासी संघर्षो को समाप्त करने का आह्वान किया। उन्होंने इसके लिए अफ्रीकी देश केन्या का हवाला दिया, जो उनके पिता का जन्म स्थान है। बता दें कि बराक ओबामा दो दिनों के लिए केन्या दौरे पर हैं। मंगलवार को उनके दौरे का दूसरा और आखिरी दिन है।

यह भी पढ़ें-दिल्ली: धूप-बारिश के खेल के बीच उमस भरी गर्मी जारी, पारा 28 डिग्री सेल्सियस

दो दिनों के लिए केन्या दौरे पर ओबामा

एफे की रिपोर्ट के अनुसार, अपने दौरे के दूसरे व अंतिम दिन ओबामा ने अपनी सौतेली बहन ऑमा द्वारा कोगेलो में संचालित युवा केंद्र सॉती कू फाउंडेशन के उद्घाटन किया। इस दौरान मीडिया से बात करते हुए जातीय तनाव और आदिवासी संघर्षो को समाप्त करने की बात कही। ओबामा ने समारोह के दौरान कहा, 'केन्या ने हाल के दशकों में असाधारण कदम उठाए हैं। इस अद्भुत देश में वास्तविक प्रगति हुई है और इससे केन्या के युवाओं को प्रोत्साहित होकर और प्रगति करनी चाहिए।'

ओबामा की टिप्पणी केन्या के 2017 राष्ट्रपति चुनाव के संदर्भ में

बता दें कि ओबामा की टिप्पणी अगस्त 2017 के राष्ट्रपति चुनाव के बाद केन्या की राजनीति में हाल ही में हुए उथल-पुथल के संदर्भ में थी। विपक्षी नेता रैइला ओडिंगा ने धोखाधड़ी का हवाला देते हुए राष्ट्रपति उहुरू केन्याट्टा के पुननिर्वाचन को स्वीकार करने से मना कर दिया था।

यह भी पढ़ें-अमस: ट्रेन में दो महिलाओं के साथ बलात्कार के मामले में दो गिरफ्तार

उहरू केन्याता दोबारा चुने गए थे राष्ट्रपति

गौरतलब है कि केन्या में अगस्त 2017 में हुए राष्ट्रपति चुनाव में उहरू केन्याता के दोबारा सत्ता मिली थी। दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद वहां हिंसा भड़क गई थी। हालात इतने बेकाबू हो गए थें कि वहां की पुलिस को गोलिंया चलानी पड़ी थी। इस दौरान पुलिस फायरिंग में 11 लोगों की मौत हो गई थी। उस समय विपक्षी दलों का आरोप था कि केन्याता ने चुनाव में धांधली करवाई है।