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ब्रिटेन ने एनएसजी में भारत की सदस्यता का बिना शर्त समर्थन किया

कुछ दिन पहले ही अमरीका ने एनएसजी में भारत के दाखिले की वकालत करते हुए कहा था कि भारत एक जिम्मेदार परमाणु राष्ट्र है और उसे एनएसजी में शामिल कर लेना चाहिए।
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नई दिल्ली

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Siddharth Priyadarshi

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Updated: 28 Sep 2018, 3:04 PM IST

नई दिल्ली। ब्रिटेन ने एनएसजी में भारत की सदस्यता का बिना शर्त समर्थन किया है। अमरीका के बाद अब ब्रिटेन ने भी इस बात को दोहराया है कि भारत को न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप का सदस्य बनाने में किसी को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। बता दें कि कुछ दिन पहले ही अमरीका ने एनएसजी में भारत के दाखिले की वकालत करते हुए कहा था कि भारत एक जिम्मेदार परमाणु राष्ट्र है और उसे एनएसजी में शामिल कर लेना चाहिए।

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ब्रिटेन ने दोहराया अपना संकल्प

ब्रिटेन ने एक बार फिर से कहा है कि वह भारत के एनएसजी में सदस्यता बिना शर्त समर्थन करता है। अमरीका की तरह ब्रिटेन ने भी यह बात दोहराई है अंतरराष्ट्रीय परमाणु जगत में भारत की छवि एक जवाबदेह मुल्क की है। शानदार एटॉमिक रिकॉर्ड को देखते हुए भारत इस संभ्रांत समूह में प्रवेश के लिए भारत पूरी योग्य है। भारतीय विदेश मंत्रालय और ब्रिटेन के फॉरेन ऐंड कॉमनवेल्थ ऑफिस के अधिकारियों के बीच बातचीत के बाद ब्रिटेन की यह टिप्प्पड़ी सामने आई है। ब्रिटेन के एक राजनयिक ने कहा, "एनएसजी सदस्यता के लिए भारत वाजिब हकदार है और हमारा मानना है कि उसे सदस्य बनाना चाहिए।"

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चीन के विरोध से मुश्किल हुई राह

गौरतलब है कि एनएसजी में भारत के प्रवेश का चीन वीटो कर चुका है। हालांकि भारत अमरीका को मानाने की सभी कोशिशें कर रहा है लेकिन अभी भी चीन के रुख में कोई परिवर्तन दिखाई नहीं दे रहा है। 2+2 वार्ता में ने अमरीका ने भारत को जल्द से जल्द इस ग्रुप का सदस्य बनाने का समर्थन किया था। चीन का पक्ष है कि जब तक भारत परमाणु अपसार संधि पर हस्ताक्षर नहीं कर लेता तब तक उसे इस ग्रुप में इंट्री नहीं दे जानी चाहिए। इसके अलावा चीन पाकिस्तान के लिए इस ग्रुप में सदस्यता की मांग कर रहा है।