
former egypt president mohammed morsi की मौत पर विवाद, लापरवाही बरतने के लगे आरोप
काहिरा। मिस्र के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी की मौत बीते दिनों कोर्ट परिसर में ट्रायल के दौरान हो गई थी। इसे लेकर मानवाधिकार संगठनों का आरोप है कि सरकार की लापरवाही ने मुर्सी की जान ले ली। संगठनों का कहना है कि मुर्सी को सही इलाज समय पर नहीं मिला। गौरतलब है कि मुर्सी मिस्र के पहले राष्ट्रपति थे जो लोकतांत्रिक तरीके से निर्वाचित हुए। 2013 में सैन्य तख्तापलट के बाद उन्हें पद से हटा दिया गया था। मुर्सी पर प्रदर्शनकारियों को गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में लेने समेत कई और गंभीर आरोप लगे थे।
लिवर और किडनी की समस्या से जूझ रहे थे
मोर्सी की मौत का कारण हार्ट अटैक बताया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मुर्सी लंबे समय से लिवर और किडनी की परेशानियों से जूझ रहे थे। मानवाधिकार समूहों का आरोप है कि मुर्सी की मौत स्वाभाविक बीमारी के कारण नहीं हुई है। उन्हें लंबे समय से सही इलाज नहीं मिल रहा था। मिस्र में सैन्य शासन की स्थापना के बाद से अब्दुल फतह अल-सीसी के शासन के दौर में मानवाधिकारों के हनन का आरोप लगाया जा रहा है।
उनके साथ बुरा बर्ताव हो रहा था
मुर्सी की मौत पर ह्यूमन राइट्स वॉच के साराह लिह विटसन का कहना है कि पूर्व राष्ट्रपति मुर्सी की मौत का कारण पिछले कई साल से सरकार द्वारा उनके साथ बुरा बर्ताव करना रहा है। उन्हें लंबे समय सही दवाइयों से वंचित रखा गया। जरूरी चिकित्सा सुविधाएं नहीं दी गईं और परिवार और वकीलों से भी नियमित तौर पर मिलने नहीं दिया गया। इसके कारण उनके स्वास्थ्य पर गहरा असर पड़ा।
विश्व से जुड़ी Hindi News के अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर Like करें, Follow करें Twitter पर ..
Updated on:
19 Jun 2019 04:24 pm
Published on:
19 Jun 2019 02:52 pm
बड़ी खबरें
View Allविश्व की अन्य खबरें
विदेश
ट्रेंडिंग
