
वॉशिंगटन। अमरीकी कांग्रेस में पहली हिंदू सांसद व राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी की दौड़ में शामिल तुलसी गबार्ड का कहना है कि वह निर्दलीय चुनाव नहीं लड़ेंगी। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि अगर डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद के नामांकन को लेकर पार्टी के अंतरिम चुनाव जीतने में विफल रहती हैं, तो निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव नहीं लड़ेंगीं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इराक युद्ध में भाग लेने वाली पूर्व दिग्गज सैन्यकर्मी 38 वर्षीय गबार्ड ने कहा कि वह इस अभियान को आगे बढ़ाने, जमीनी अभियान को जारी रखने को कहा है। उन्होंने कहा कि चुनाव न लड़के वह अमरीकी लोगों को संदेश देने और उनसे समर्थन मांगने का कार्य जारी रखने पर ध्यान केंद्रित करेंगी।
उन्होंने मीडिया को बताया कि निर्दलीय चुनाव लड़ने का सवाल नहीं उठता है। रिपोर्ट के अनुसार गबार्ड हालांकि, सितंबर में पहली दो बहस के बाद अगली डेमोक्रेटिक बहस के लिए क्वालीफाई करने में विफल रही। वह क्वालीफाई करने के लिए डेमोक्रेटिक नेशनल कमिटी (डीएनसी) के न्यूनतम मत हासिल नहीं कर सकी थी।
उन्होंने दावा किया कि इस बारे में कोई स्पष्टीकरण या पारदर्शिता नहीं है कि कुछ विशेष मतदान क्वालीफाई करने के लिए क्यों जरूरी हैं। जबकि अन्य बहुत विश्वसनीय मान्यता प्राप्त मत क्वालीफाई करने के लिए जरूरी नहीं हैं। अपने जीवन की शुरुआत में ही हिंदू धर्म को अपनाने वाली गेबार्ड भारतीय-अमेरिकियों के बीच काफी लोकप्रिय हैं।
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Updated on:
31 Aug 2019 03:03 pm
Published on:
31 Aug 2019 10:09 am
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