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योगी राज में बंद कराए गए मुरादाबाद के 68 मदरसों में से 51 मदरसे फिर खुले

डीएम के हस्तक्षेप के बाद 51 खुले, बाकी को भी खोलने की तैयारी
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मुरादाबाद

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Iftekhar Ahmed

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Updated: 5 Jul 2018, 2:31 PM IST

Yogi and madrasa

योगी राज में बंद कराए गए मुरादाबाद के 68 मदरसों में से 51 मदरसे फिर खुले

मुरादाबाद. उत्तर प्रदेश में मदरसे अब किराए के भवनों में चल सकेंगे। इस शासनादेश के सामने आने के साथ ही मुरादाबाद में पिछले दिनों दिनों बंद कराए गए जिले के 68 मदरसों में से 51 मदरसों को चालू कर दिया गया है। बाकी मदरसों को भी खोलने के लिए कागजी कार्रावाई की जा रही है।

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गौरतलब है कि शासनादेश में मदरसों को 10 साल तक किराए के भवनों में चलाने की अनुमति दी गई है, लेकिन इसको लागू नहीं किया जा रहा था। इस शासनादेश के लागू नहीं होने की वजह से पिछले दिनों जिले के 68 मदरसों को बंद करने के आदेश दिए गए थे। ठाकुरद्वारा तहसील क्षेत्र के मदरसों का पिछले दिनों सत्यापन किया गया था। इस दौरान वहां, पर 68 मदरसों के पास अपने भवन नहीं थे। इस दौरान यह भी पता चला के इन मदरसों के संचालकों ने विधिवत किरायानामा भी नहीं लिया गया था। इसके बाद एसडीएम ने अपनी जांच रिपोर्ट में इन सभी मदरसों के पास भवन न होने की बात कहते हुए इनको अवैध करार दिया था। इसके बाद एसडीएम ने अपनी जांच रिपोर्ट सौंपकर इसी के आधार पर मदरसों को बंद करने की सिफारिश की थी।

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प्रशासन के इस फैसले के बाद जिले के मुसलमानों की बेचेनी बढ़ गई थी। इसके बाद जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी हरकत अंजना सिरोही आ गई। उन्होंने बताया कि मदरसों को किराए के भवनों में चलाने का शासनादेश पुराना था। जानकारी के अभाव में एसडीएम ने किराए पर चल रहे मदरसों को जांच के बाद बंद करने की सिफारिश की गई थी। लेकिन इस को निष्प्रभावी बनाने के लिए लखनऊ से शासनादेश की प्रति मंगवाकर डीएम से उन मदरसों की दोबारा से जांच करने के आदेश दिए। इसके बाद मदरसा संचालकों को विधिवत रिकॉर्ड में किरायानामा तैयार कराकर जमा कराया गया। उसके आधार पर 68 में से 51 मदरसों के संचालन की अनुमति प्रदान कर दी गई है। अन्य मदरसों के कागजात अभी आने बाकी हैं। अब जिले में मदरसों का संचालन किराए के भवनों में किया जा सकेगा।