
मुरादाबाद. श्रमजीवी एक्सप्रेस से बिहार जा रही एक गर्भवती महिला ने कोच के टॉयलेट में ही बच्चे को जन्म दे दिया। अचानक टॉयलेट में पत्नी के कराहने की आवाज सुनकर पति घबरा गया। उसने टॉयलेट खोलकर देखा तो नवजात को देख दंग रह गया। टॉयलेट के भीतर ही उसकी पत्नी ने बच्चे को जन्म दे दिया था। यह देख ट्रेन के कोच मौजूद महिलाएं जच्चा-बच्चा की मदद के लिए दौड़ पड़ीं। इसी बीच ट्रेन मुरादाबाद पहुंच गई। जहां सीआरपीएफ की महिला कांस्टेबल ने मदद की। इसके बाद 108 एंबुलेंस से जच्चा-बच्चा को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। आरपीएफ कंपनी कमांडर धर्मेंद्र राणा ने बताया कि जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।
दरअसल, बिहार के भागलपुर निवासी सूरज अपनी आठ माह की गर्भवती पत्नी सिंपी के साथ श्रमजीवी एक्सप्रेस में यात्रा कर रहे थे। सूरज दिल्ली में एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते हैं। दंपती छठ पूजा के मौके पर अपने घर जा रहे थे। यात्रा के दौरान सिंपी को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। ट्रेन उस समय गढ़ और मुरादाबाद स्टेशन के बीच थी। ट्रेन के मुरादाबाद स्टेशन पहुंचने से पहले ही सिंपी टॉयलेट गई और वहीं उसकी डिलीवरी हो गई। पत्नी के कराहने की आवाज सुनकर उसके पति ने टॉयलेट का दरवाजा खोला तो बच्चे का जन्म देख वह घबरा गया।
ट्रेन स्टेशन पहुंचते ही आरपीएफ ने संभाला मोर्चा
वहीं, ट्रेन में मौजूद यात्रियों ने समझदारी दिखाते हुए मदद के लिए फौरन महिलाओं को आगे कर दिया। इस बीच ट्रेन मुरादाबाद पहुंच गई। सिंपी और नवजात शिशु के लिए ट्रेन में मौजूद महिलाओं के अलावा सीआरपीएफ के जवान बड़ा सहारा बने। जवानों ने फौरन आरपीएफ को महिला की डिलीवरी होने की सूचना दी और रेलवे से चिकित्सकीय सहायता मुहैया कराने को कहा। सूचना पाकर आरपीएफ की महिला कांस्टेबल सहायता के लिए पहुंच गई और महिला को संभाला। साथ ही नवजात के लिए कंबल और गर्म कपड़ों की व्यवस्था की।
सीआरपीएफ के जवानों ने की 10 हजार की मदद
सीआरपीएफ के जवानों ने दंपती की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण चिकित्सा सहायता के लिए 10 हजार रुपये भी दिए। इसके बाद आरपीएफ के उपनिरीक्षक ने 108 एबुलेंस बुलाकर महिला को जिला अस्पताल में भर्ती करवाया। आरपीएफ के कंपनी कमांडर धर्मेंद्र कुमार राणा ने बताया कि महिला का परिवार उसके साथ मौजूद है। प्रसूता और बच्चा दोनों ही स्वास्थ्य हैं।
Published on:
11 Nov 2021 10:35 am
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