
मिसालः इस मंत्री ने बेटी का प्राइवेट की जगह सरकारी अस्पताल में कराया इलाज
मुरादाबाद।यूपी के मुरादाबाद में एक मंत्री ने एेसी मिसाल पेश की है।जिसे अगर अन्य नेता आैर उच्च अधिकारी भी लागू करें।तो सरकारी अस्पताल से लेकर स्कूल तक की गुणवत्ता में सुधार आएगा।इस मंत्री की यह पहल चर्चा का विषय बनी हुर्इ है।इसकी वजह उनके द्वारा बेटी के तबियत खराब होने पर उसके इलाज के लिए किसी प्राइवेट नहीं बल्कि सरकारी जिला अस्पताल पहुंचना है।इतना ही नहीं उन्होंने डाॅक्टरों से बेटी के इलाज आैर सभी टेस्ट कराने के बाद अस्पताल से वापसी की।साथ ही कहा कि उन्हें सरकारी अस्पतालों के डाॅक्टर आैर उनकी काबिलियत पर पूरा भरोसा है।
यह मंत्री बेटी को लेकर पहुंची थी सरकारी अस्पताल
दरअसल सोमवार को भाजपा की समाज कल्याण मंत्री स्वतंत्र प्रभार गुलाबों देवी अपने बेटी सुगंधा को लेकर जिला अस्पताल पहुंची।सब लोग तब दंग रह गये। जब उन्होंने बताया कि वह यहां दौरा करने नहीं बल्कि बेटी का इलाज कराने अस्पताल आर्इ।उन्होंने सरकारी चिकित्सकों पर भरोसा जताते हुए कहा कि सरकारी अस्पताल में बेहतर इलाज हो रहा है।बेटी सुगंधा गर्मी की वजह से असहज महसूस कर रही थी, तो मंत्री गुलाबो देवी दोपहर डेढ़ बजे जिला अस्पताल उसे लेकर पहुंचीं। मंत्री को देखकर अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया। फौरन ही प्रमुख चिकित्सा अधीक्षिका डॉ. ज्योत्सना उपाध्याय पंत, वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अशोक कुमार ओपीडी में आ गए।
आधे घंटे में टेस्ट कर मंत्री की बेटी को भेजा घर
इस दौरान मंत्री के पहुंचते ही डाॅक्टरों की टीम ने उनकी बेटी सुगंधा का इलाज करने के साथ ही टेस्ट शुरू कर दिए।मौके पर डाॅक्टर व अस्पताल की अन्य टीम ने सुगंधा का ब्लड टेस्ट, कैल्शियम, थायरायड, विटामिन-डी, के साथ ही अल्ट्रासाउंड कराया गया।टीम ने यह सारे टेस्ट आधे घंटे से भी कम समय में कर दिए।वहीं जब भाजपा मंत्री से बेटी का सरकारी अस्पताल में जांच कराने का कारण पूछा तो उन्होंने कहा कि मुझे सरकारी अस्पताल के चिकित्सकों पर पूरा भरोसा है। मरीज ठीक होकर जाते हैं।इसलिए बेटी को लेकर जिला अस्पताल आई हूं।
Published on:
26 Jun 2018 03:02 pm
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