
मुरादाबाद. जमीन को गलत तरीके से हथियाने के लिए लोग तरह-तरह की हेराफेरी दस्तावेजों के साथ करते है। ऐसा ही एक मामला सामने आया मुरादाबाद में, जहां करोड़ों रुपए की जमीन को हथियाने के लिए हेराफेरी करके बंजर भूमि को नजूल की भूमि में दर्शाया गया है। मंडलायुक्त के आदेश पर अपर आयुक्त ने इस मामले की जांच की। लगभग 90 पेज की जांच रिपोर्ट अपर आयुक्त ने नगर निगम को सौंपी। जिसके बाद नगर निगम के राजस्व निरीक्षक ने कोतवाली में तहरीर देकर अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया।
दर्ज कराई जा रही थी आपत्ति
वहीं, इस मामले में मंडलायुक्त आन्जनेय कुमार सिंह ने जिलाधिकारी के साथ ही मुरादाबाद विकास प्राधिकरण से भी रिपोर्ट मांगी है। सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में मंडलायुक्त आवास से कुछ दूरी पर गैलेक्सी अपार्टमेंट के सामने सड़क से इमारत का निर्माण किया जा रहा था। मुरादाबाद विकास प्राधिकरण से करीब छह साल पहले नक्शा पास कराने के साथ ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया था। जमीन पर निर्माण को लेकर अपार्टमेंट के निवासियों के द्वारा लगातार आपत्ति दर्ज कराई गई थी। साल 2017 में एमडीए ने इमारत को सील करने के साथ ही निर्माण कार्य रोक लगा दी थी।
मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू-एएसपी
अपर पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार यादव का कहना है कि नगर निगम कर्मचारी के द्वारा दस्तावेजों में गड़बड़ी करने की तहरीर दी गई थी। तहरीर के आधार पर अज्ञात आरोपितों के खिलाफ मुकदमा कर जांच शुरू कर दी गई है।
Published on:
22 Nov 2021, 5:23 PM IST
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