राम मंदिर भूमि पूजन से चमकने लगा मुरादाबाद का पीतल उद्योग, बढ़ गई भगवान श्री राम की मूर्तियों की मांग

अयोध्या में राम मंदिर ( ram temple in ayodhya ) भूमि पूजन का असर मुरादाबाद में दिखने लगा है। यहां पीतल उद्योग चमकने लगा है। भगवान श्री राम और परशुराम की मूर्तियों की मांग बढ़ गई है।

By: shivmani tyagi

Updated: 05 Sep 2020, 08:59 PM IST

मुरादाबाद। अयोध्या में रामलला मंदिर ( ram temple in ayodhya ) में भूमि पूजन के बाद मुरादाबाद का पीतल उद्योग चमकने लगा है। इसकी वजह यह है कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण कार्य शुरू होने के साथ ही उत्तर प्रदेश में भगवान श्री राम ( Lord Ram ) और राम दरबार की डिमांड ( demand ) एकाएक बढ़ गई है। सबसे अधिक डिमांड अयोध्या ( Ayodhya ) और उत्तर प्रदेश के अलग-अलग शहरों से आ रही है। इसके साथ ही देश भर से आर्डर मिलने लगे हैं।

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इस बारे में मुरादाबाद के पीतल काराेबारी और सदस्य ऑल इंडिया हैंडीक्राफ्ट बोर्ड ( भारत सरकार ) आजम अंसारी बताते हैं कि मुरादाबाद में मूर्तियों की फिनिशिंग की जाती है जबकि मूर्तियां अलीगढ़ से बनकर आती हैं। अयोध्या में भगवान श्री राम का मंदिर निर्माण होने से पूरे उत्तर प्रदेश में उद्योगों को ऑर्डर मिलने की उम्मीद है। आजम अंसारी कहते हैं कि एक उम्मीद के मुताबिक मुरादाबाद में 20 करोड़ का पीतल उद्योग है जिसके अब हम दोगुना होने की उम्मीद जता रहे हैं।

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उन्हाेंने बताया कि, बाजार में श्री राम की मूर्तियों की मांग बढ़ी है लेकिन केवल मूर्तियां ही नहीं हैं। भगवान श्रीराम से जुड़े ऐसे 25 प्रोडक्ट हैं जिनकी डिमांड अब धीरे-धीरे बढ़ रही है। आने वाले समय में यह डिमांड और बढ़ेगी। इनमें घंटे, राम दरबार, श्री राम की मूर्तियां, पूजा की थाली जैसे लगभग 25 सामान शामिल हैं।

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मुरादाबाद के ही एक अन्य पीतल व्यापारी बताते हैं कि जब से अयोध्या में रामलला मंदिर निर्माण की नींव रखी गई है तब से राम दरबार और श्री राम की मूर्तियों के साथ-साथ परशुराम जी की मूर्तियों की डिमांड बढ़ गई है। इससे बाजार में राैनक है और काराेबियाें के भी चेहरों पर भी उम्मीद की चमक है। लगातार काराेबार कम हाेने से काराेबारियों के चेहरे मुरझा रहे थे और कारीगरों काे उनकी मेहनत भी नहीं मिल रही थी। इसके चलते कारीगर भी इस कार्य से जी चुराने लगे थे लेकिन अब देखने में आ रहा है कि बार फिर से कारीगरों के हाथों में हुनर जिंदा हाे रहा है और वह अधिक मन के साथ काम कर रहे हैं।

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