
अखिलेश यादव चाचा रामगोपाल यादव का टिकट काटकर इस मुस्लिम सांसद को देंगे इस लोकसभा से टिकट
मुरादाबाद: लोकसभा चुनाव 2019 को लेकर सभी पार्टियों ने अपनी-अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। वहीँ अब सीटों को लेकर संभावित प्रत्याशियों को लेकर भी धीरे-धीरे स्थिति साफ़ हो रही है। सभी पार्टियों की नजर में उत्तर प्रदेश महत्वपूर्ण है। क्यूंकि यहां 80 लोकसभा सीटें हैं। बीते लोकसभा चुनाव में भाजपा गठबंधन को सबसे ज्यादा सीटें यहीं से मिलीं थीं। भाजपा को चुनौती देने के लिए विपक्षी पार्टियां महागठबंधन बनाने के साथ ही अपने लिए सुरक्षित सीटों का चुनाव भी कर रहीं हैं। इसी में समाजवादी पार्टी की नजर वेस्ट यूपी की मुस्लिम बाहुल्य सीट संभल लोकसभा पर है। अभी तक इस सीट पर सपा के राष्ट्रिय महासचिव प्रोफेसर रामगोपाल यादव के नाम की चर्चा थी। लेकिन पिछले कुछ दिनों से स्थानीय स्तर पर राज्य सभा सांसद और महासचिव जावेद अली का नाम चल रहा है।
ये लड़े थे पिछला चुनाव
जावेद अली अखिलेश यादव के करीबी हैं,उन्होंने 2014 के लोकसभा में भी टिकट मांगा था। लेकिन पार्टी ने उनकी जगह नबाब इकबाल महबूब को मैदान में उतारा था। जो मोदी लहर में भाजपा के सत्यपाल सैनी से हार गए थे। फिर पूर्व सांसद डॉ शाफिकुर्रह्मान बर्क ने भी बगावत कर दी थी। इसके बाद पिछले कुछ दिनों से डॉ बर्क की शिवपाल यादव से नजदीकियों में माना जा रहा है कि सपा उन्हें टिकट नहीं देगी। जबकि स्थानीय पार्टी कार्यकर्ताओं और उच्च पदाधिकारियों ने सपा की इस परम्परागत सीट को जीतने के लिए रामगोपाल को उम्मीदवार लगभग मां लिया था। खुद रामगोपाल यादव भी यहां से सांसद रहे चुके हैं। उन्होंने ने भी कार्यकर्ताओं का मान रखने की बात कही थी।
जावेद को लेकर कार्यकर्ता गंभीर
लेकिन बदली हुई परिस्थितियों में अब राज्यसभा जावेद अली का को संभल लोकसभा के प्रत्याशी के रूप में प्रचारित किया जा रहा है। क्यूंकि इस सीट के साथ आसपास की लोकसभा सीटें भी मुस्लिम मतदाताओं के जनाधार वाली हैं। फिर महागठबंधन की स्थिति में संभल लोकसभा सपा के खाते में ही जाने की सम्भावना है। इसलिए जावेद अली का टिकट पक्का माना जा रहा है। जिस पर अखिलेश यादव ने भी सहमती जताई है।पांच राज्यों के चुनाव के बाद जल्द ही स्थिति साफ़ होने की उम्मीद जताई जा रही है।
Published on:
23 Nov 2018, 9:34 AM IST
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