
सेहतमंद बच्चे की चाहत में गर्भवती सौतेली मां ने उठाया ऐसा कदम कि,जानकर उड़ जायेंगे होश
मुरादाबाद: शहर के मझोला थाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जिसमें सेहतमंद बच्चे की चाहत में बेटी की बलि चढ़ाकर उसे घर में दफ़न कर दिया गया। इसकी भनक जब पड़ोसियों को लगी तो किसी ने पुलिस को सूचना दे दी। जिस पर पुलिस ने घर में बच्ची का शव खुदवाकर पोस्टमार्टम भिजवाया। जहां से चौंकाने वाली जानकारी मिली है। बच्ची की मौत दम घुटने से बताई जा रही है। फ़िलहाल पुलिस अभी परिजनों से और पूछताछ कर रही है। तंत्र मन्त्र की सम्भावना इसलिए भी बढ़ गयी है क्यूंकि बच्ची की सौतेली मां गर्भवती है।
इसलिए उठ रहे सवाल
जानकारी के मुताबिक थाना क्षेत्र के गांव चौधरपुर निवासी अनंत पाल की शादी दस महीने पहले संभल निवासी चार बच्चों की मां मोनी से हुई थी। मोनी के पहले पति की मौत हो चुकी है। अनंत पाल की पहली पत्नी की पांच साल की बेटी तारा की मौत शुक्रवार को हो गयी। जिसके बाद परिवार वालों ने उसे घर में ही दफना दिया। जब ये जानकारी गांव वालों को हुई तो उन्हें शक हुआ। क्यूंकि पहले भी अनंत पाल की पहली पत्नी के एक बच्चे की मौत हो चुकी है। अब तारा की मौत के बाद उसे घर में दफनाने से पड़ोसियों के कान खड़े हो गये।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ये हुआ खुलासा
किसी ने शनिवार को पुलिस को सूचना दी जिस पर मौके पर पहुंची मझोला पुलिस ने बच्ची के शव को घर से खुदवाकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। पोस्टमार्टम हाउस के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक बच्ची की मौत दम घुटने से हुई है। जिसने तंत्र मन्त्र की बात को सही ठहरा दिया है।
सौतेली मां पर शक
पड़ोसियों के मुताबिक मोनी इस समय गर्भवती है और वो अपनी सास के साथ मिलकर किसी तांत्रिक के टच में हैं। हो सकता हो कि बच्ची को दफ़नाने या फिर मार कर दफ़नाने की सलाह दी हो जिसके बाद वरना बच्ची की बीमारी से म्रत्यु के बाद उसे इस तरह घर में क्यों दफनाया गया। ये बड़ा सवाल है।
परिवार बेहद गरीब
वहीँ इस घटना में ये भी आया है ये परिवार आर्थिक रूप से बेहद कमजोर है और बच्चे मिड डे मील का खाना ही खा पाते थे। कभी कभार भूखा भी रहना पड़ता था। जिस पर पडोसी खाना देते थे।
मां ने बताई ये वजह
जबकि तारा की मां मोनी का कहना है कि वो बीमार थी और सूखा रोग से ग्रस्त थी,जिस कारण उसकी मौत हो गयी है। अब बड़ा सवाल है अगर बच्ची कुपोषण का शिकार थी तो फिर स्थानीय स्वास्थ्य विभाग की भी लापरवाही सामने आ रही है।
ऐसे खुला बच्ची की मौत का राज
बच्ची की मौत का राज खुलता भी नहीं अगर टीचर तारा के स्कूल न आने का कारण उसके दोनों भाइयों से नहीं पूछते। फ़िलहाल इस पूरे प्रकरण में कई मोड़ हैं और सभी संदिग्ध अब पुलिस के सामने बच्ची की मौत का राज फाश करने के साथ ही इस तरह घर में दफन की वजह भी पता लगाने की है। सीओ सिविल लाइन अपर्णा गुप्ता ने बताया कि हर बिंदु की बारीकी से जांच की जा रही है। अगर बच्ची के साथ वाकई कुछ गलत हुआ है तो जिम्मेदारों पर सख्त कार्यवाही होगी।
क्या सरकारी सिस्टम हो गया फेल
अगर वाकई बच्ची की मौत सूखा रोग से हुई है तो ये पूरी सरकारी मशीनरी का फेल है। क्यूंकि प्रदेश व केंद्र सरकार कुपोषण से निपटने के लिए बहुत बड़े पैमाने पर योजनायें चला रही है। जिसमें कुपोषित बच्चों को चिन्हीकरण करने के साथ ही उनके खानपान की भी व्यवस्था की जाती है।
Published on:
5 Aug 2018, 5:18 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.