महिला के अंतिम संस्कार के लिए इकट्ठा किया चंदा
उधर, पड़ोसी फिरोज और रुकसाना ने बताया की ये लोग काफी दिनों से इस तरह का जीवन जीने को मजबूर थे। कई बार स्थानीय अधिकारियों और पार्षद के पास भी गए। लेकिन इनकी कोई मदद नहीं की गई। वहीं अब तक उधार देने वाले दुकानदार रिजवान ने भी हाथ खड़े कर दिए। हालात इस कदर खराब हो गए थे कि मकान का किराया भी तीन महीने से नहीं दिया गया। फ़िलहाल अब इस पूरे मामले की अधिकारियों द्वारा जांच की बात की जा रही है। लेकिन अभी भी उसकी बेटियों के लिए कोई मदद नहीं पहुंची है। मृतका के अंतिम संस्कार के लिए भी पड़ोसियों द्वारा चंदा किया गया।