
अजब गजब : दुष्कर्म पीड़िता की होनी थी मेडिकल जांच, पुलिस करा लाई कोरोना की जांच
मुरैना. वैसे तो पुलिस के खौफ के चलते बदमाशों और गलत काम करने वालों में डर बना रहता है। लेकिन, जनसेवा देशसेवा का नारा लगाने वाले कुछ पुलिसकर्मी अपनी जिम्मेदारियों से गद्दारी कर ले तो इसका खामियाजा पूरे पुलिस प्रबंधन को भुगतना पड़ता है। यही कारण है कि, आमजन की हर मुसीबत के समय उसकी सुरक्षा के लिए तैयार पुलिस इस सब के बावजूद कई लोगों की नजर में बदनाम है। अपने फर्ज से गद्दारी का एक ताजा मामला मध्य प्रदेश के मुरैना में सामने आय है, जिसने एक बार फिर पुलिसिया व्यवस्थाओं को आमजन के समक्ष संदेह की नजरों से देखने को मजबूर कर दिया है।
आपको बता दें कि, सूबे के मुरैना में पुलिसकर्मियों ने रिश्वत लेकर दुष्कर्म के दोषी चाचा भतीजे को बचाने के लिए पीड़िता की मेडिकल जांच कराने की जगह कोरोना की जांच करवा दी। बताया जा रहा है कि, मुरैना के महुआ थाना इलाके में आने वाले एक गांव में चाचा भतीजे ने मिलकर एक युवती के साथ दुष्कर्म किया और जब पीड़िता परिजन के साथ इसकी शिकायत लेकर थाने में पहुंची तो पुलिस ने पहले तो एक गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर परिजन को वहां से चलता कर दिया।
पुलिस पर 10 हजार रिश्वत मांगने का आरोप
पुलिस के इस रवैय्ये से नाराज परिजन ने महुआ थाना पुलिस पर 10 हजार रिश्वत लेने के बाद अपराध दर्ज न करने और दुष्कर्म करने वाले चाचा-भतीजे का साथ देने का आरोप लगाया। इसके बाद पीड़िता अपने परिजन के साथ महिला सेल में डीएसपी प्रियंका मिश्रा के सामने अपने गांव गुढा गांव से पहुंची और डीएसपी को बताया कि 18 जनवरी को पड़ोस में रहने वाला मोनू उर्फ मनोज पुत्र रमेश शर्मा अपने चाचा हरिओम शर्मा के साथ मिलकर अपहरण कर ले गया। पीड़िता के अनुसार सरसों के खेत में मोनू ने उसके भाई भतीजे को गोली मारने की धमकी देते हुए दुष्कर्म किया। इस दौरान उसका चाचा हरिओम भी खेत की मेड पर खड़ा होकर पहरा दे रहा था। पीड़िता के अनुसार, 3 दिन तक उन्होंने मुरैना में ही एक घर में बंधक उसे बनाकर रखा, जहां चाचा हरिओम ने भी उसके साथ दुष्कर्म किया।
मेडिकल जांच करानी थी, कोरोना जांच करवा लाई पुलिस
पीड़िता के भाई ने बताया कि, महुआ थाना प्रभारी पीएस यादव के द्वारा 10 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की थी, लेकिन रुपए कम होने के कारण 5000 रुपए दिए तो रुपए लेने से थाना प्रभारी ने इंकार कर दिया। बाद में 10 हजार देने के बावजूद गुमशुदगी का मामला दर्ज कर लिया। विधायक से शिकायत की तो थानेदार ने उनकी बहन को ढूंढकर मेडिकल कराने के लिए थाना प्रभारी को कहा, लेकिन महुआ थाना पुलिस ने युवती की मेडिकल परीक्षण कराने की बजाय कोरोना की जांच करवाकर वापस भेज दिया। वहीं, पीड़ित परिवार का कहना है कि, आरोपी पक्ष राजीनामा करने का दबाव बना रहे हैं। उनकी बात ना मानने पर जान से मारने की धमकी दे रहे हैं।
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Published on:
27 Jan 2022 05:54 pm
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