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MP में आधा सैकड़ा पंचायत और सहायक सचिव का कटा वेतन, कलेक्टर ने की कड़ी कार्रवाई

Collector Action: सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों पर कलेक्टर की सख्ती रंग लाई। कई विकासखंडों में गूगल मीट से गायब रहे सचिव व सहायक सचिवों का वेतन काटा गया।

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panchayat secretary salary cut (फोटो- मुरैना कलेक्ट्रेट सोशल मीडिया)

CM Helpline Pending: मुरैना में सीएम हेल्प लाइन की शिकायतों के निराकरण को लेकर कलेक्टर की सख्ती (Collector Action) के चलते जिला पंचायत सीईओ ने विकासखंड के अधिकारियों पर लगातार शिकंजा कसा जा रहा है। उसके बाद भी जिले की प्रगति में पोरसा विकासखंड फिसड्डी साबित हुए हैं। जिन पंचायतों की शिकातयों लंबित हैं और जिमेदार गूगल मीट से नहीं जुड़े, ऐसे पंचायत सचिव व सहायक सचिवों का जिला पंचायत सीईओ द्वारा वेतन काटा (Salary Cut) गया है।

लंबित पड़ी है सीएम हेल्पलाइन की शिकायतें

अक्टूबर माह अथवा 50 दिन की 2532 शिकायत सीएम हेल्पलाइन में दर्ज हुई थीं। उनमें से 1943 शिकायतों का निराकरण हो चुका है, उसके बाद भी 589 शिकायतें अभी भी लंबित हैं। यह तब है जब अधिकारी लगातार सती बरत रहे हैं। समीक्षा बैठक से मिले डेटा के अनुसार जिले के पहाडगढ़ में 119 और पोरसा में 104 शिकायत पेडिंग हैं जो जिले में सर्वाधिक आंकड़ा हैं। पोरसा विकासखंड की हर समीक्षा बैठक में स्थिति गड़बड़ रहती है।

गूगल मीट में नहीं जुड़े सचिव

इस बार भी जो निराकरण को प्रतिशत है, वह अन्य विकासखंड की अपेक्षा कम हैं। जिला पंचायत सीईओ गूगल मीट के माध्यम से शिकायतों के निराकरण की लगातार समीक्षा कर रहे हैं और जो मीटिंग में अनुपस्थित रहते हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई भी कर रहे हैं लेकिन ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्य में घटिया निर्माण और निर्माण से पूर्व राशि निकालने की शिकायत ज्यादातर सीएम हेल्पलाइन में हुई हैं, जिनको ग्रामीण लेने को तैयार नहीं हैं। पंचायतों में हो रही गड़बड़ी को लेकरजनपद सीईओ की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

शिकायतों की ब्लॉक वार ये है स्थिति

सीएम हेल्पलाइन शिकायतों की विकासखंडबार स्थिति देखें तो अंबाह में दर्ज 408 शिकायतों में 333 का निराकरण होने के बाद 75 पेडिंग हैं। कैलारस में दर्ज 522 में से 422 का निराकरण होने के बाद 100 पेडिंग हैं। सबलगढ़ में दर्ज 364 में से 294 के निराकरण के बाद 70 पेडिंग हैं। इसी तरह पहाडगढ़ में दर्ज 522 शिकायतों में से 403 शिकायत बंद कराई जा चुकी हैं फिर भी 119 बची हैं।

मुरैना में दर्ज 200 शिकायतों में से 144 का निराकरण कराया जा चुका है। उसके बाद भी 56 शिकायत शेष बची हैं। पोरसा में दर्ज 319 शिकायतों में से सिर्फ 215 का निराकरण हो सका है। जबकि 104 पेडिंग हैं। जौरा में दर्ज 197 शिकायतों में से 132 के निराकरण के बाद 65 पेडिंग हैं।

इन सचिव व सहायक सचिवों का काटा वेतन

जनपद पंचायत पोरसा की ग्राम पंचायत रूअर के सचिव मुकेश तोमर, अमलैड़ा के सहायक सचिव सुखवीर तोमर, विजयगढ़ सचिव सुरेन्द्र शर्मा, सहायक सचिव मनीष शर्मा, परदू का पुरा सचिव रामसनेही जाटव, बुधारा सहायक सचिव जितेन्द्र सिंह, धौरी सचिव बड़े सिंह, सहायक सचिव जितेन्द्र तोमर, उसैद सचिव दिनेश तोमर, कीचोल सचिव अमित तोमर, अधन्नपुर सचिव नरेन्द्र कुशवाह, सिकहरा सचिव शंजूलाल ओझा, कौंथरकला सचिव श्रीगोविंद शर्मा के माह नवंबर के वेतन से एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए हैं।

जनपद पंचायत अंबाह की ग्राम पंचायत खडियाहार प्रभारी सहायक सचिव विकास बघेल, खिरेटा के सहायक सचिव सतीश किरार, ककरारी के सहायक सचिव मनीष शर्मा का भी वेतन काटा गया है। इससे पूर्व कैलारस विकासखंड की 18 ग्राम पंचायत एवं पहाडगढ़ की 16 ग्राम पंचायतों के सचिव व सहायक सचिवों का वेतन काटा जा चुका है। (mp news)