तकनीकी जानकारों के अनुसार, जब खजुराहो इंटरसिटी में अचानक अलार्म चेन पुलिंग की गई तो लोको पायलट को तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाने पड़े। अचानक ब्रेक लगने से पहियों और ब्रेक शू के बीच अत्यधिक घर्षण पैदा हुआ, जिससे पहियों से तेज धुआं और धूल का गुबार उठा। चूंकि डिब्बों के नीचे से धुआं निकल रहा था, जनरल बोगियों में बैठे यात्रियों को लगा कि ट्रेन के नीचे आग लग गई है। इसी गलतफहमी ने देखते ही देखते एक खूनी अफवाह का रूप धारण कर लिया।