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Morena Train Accident : न आग लगी न शॉर्ट सर्किट, चेन पुलिंग से उठा था धुआं, हेतमपुर रेल हादसे पर बड़ा अपडेट

Morena Train Accident : भोपाल से पहुंचीं जीआरपी एएसपी नीतू डाबर ने जांच में पाया, ट्रैक पर सिर्फ 100 मीटर विजिबिलिटी थी। दूसरी ट्रेन का हॉर्न सुनकर ट्रेक पर खड़े लोग भ्रमित हो गए थे। मुरैना स्टेशन मास्टर और लोको पायलट से भी जवाब तलब। 7 सदस्यीय कमेटी खंगाल रही परतें।

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Morena Train Accident

Morena Train Accident (हेतमपुर रेल हादसे पर बड़ा अपडेट Photo- Source Input)

Hetampur Rail Incident :मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में रविवार शाम खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस में आग की अफवाह के बाद मची भगदड़ और पातालकोट एक्सप्रेस की चपेट में आने से चार यात्रियों की दर्दनाक मौत के मामले में शुरु हुई जांच की परतें अब खुलना शुरू हो गईं हैं। इस हादसे की जांच के लिए भोपाल से विशेष रूप से जीआरपी की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीतू डाबर हेतमपुर रेलवे ट्रैक (घटना स्थल) पर पहुंचीं। उन्होंने सरायछोला थाना प्रभारी और जीआरपी मुरैना की टीम के साथ मौका-मुआयना किया। जांच में यह बेहद चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि, ट्रेन में कोई आग नहीं लगी थी, बल्कि चेन पुलिंग के बाद अचानक लगे इमरजेंसी ब्रेक के कारण पहियों से उठा धुआं ही इस खूनी अफवाह की वजह बना।

तकनीकी जानकारों के अनुसार, जब खजुराहो इंटरसिटी में अचानक अलार्म चेन पुलिंग की गई तो लोको पायलट को तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाने पड़े। अचानक ब्रेक लगने से पहियों और ब्रेक शू के बीच अत्यधिक घर्षण पैदा हुआ, जिससे पहियों से तेज धुआं और धूल का गुबार उठा। चूंकि डिब्बों के नीचे से धुआं निकल रहा था, जनरल बोगियों में बैठे यात्रियों को लगा कि ट्रेन के नीचे आग लग गई है। इसी गलतफहमी ने देखते ही देखते एक खूनी अफवाह का रूप धारण कर लिया।

वायरल वीडियो में दिखी बदहवासी: एक-दूसरे पर कूद रहे थे लोग

हादसे के समय का एक रोंगटे खड़ा कर देने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि दो जनरल कोचों के यात्री भारी दहशत में हैं। लोग अपनी जान बचाने के लिए बैग और सामान लेकर एक - दूसरे के ऊपर गिरते - पड़ते कोच के दरवाजों से नीचे कूद रहे हैं। कई महिलाएं और बुजुर्ग भी पटरियों पर गिरते हुए बदहवास होकर भागते दिखाई दे रहे हैं। इसी हड़बड़ी में वे बगल के ट्रैक पर चले गए।

ट्रैक का घुमाव और 100 मीटर की विजिबिलिटी ने बिगाड़ा खेल

जीआरपी अधिकारियों के अनुसार, जिस स्थान पर यात्री ट्रैक पर उतरे, वहां रेलवे लाइन में घुमाव होने के कारण दृश्यता बेहद कम थी। वहां से केवल 100 से 150 मीटर तक का ट्रैक ही साफ दिखाई दे रहा था। विपरीत दिशा से आ रही पातालकोट एक्सप्रेस के लोको पायलट ने ट्रैक पर लोगों को देखकर लगातार हॉर्न भी दिया था, लेकिन इंटरसिटी के शोर और दहशत के माहौल में यात्रियों को यह समझ ही नहीं आया कि ट्रेन किस पटरी पर आ रही है। इसी असमंजस में चार लोग सीधे पातालकोट एक्सप्रेस के आगे आ गए।

7 सदस्यीय टीम गहन जांच में जुटी

झांसी मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि, झांसी मंडल के अधिकारियों द्वारा गठित सात सदस्यीय जांच दल पूरे घटनाक्रम की गहराई से जांच कर रहा है। डीआरएम ने मुरैना के स्टेशन मास्टर और संबंधित लोको पायलट से भी पूरे मामले पर तत्काल जवाब-तलब किया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।