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MP Election 2023: राजस्थान की तर्ज पर मुरैना की जनता सबलगढ़ और मुरैना सीट पर हर बार बदल रही है विधायक का चेहरा

जिस तरह राजस्थान की जनता हर बार सरकार बदलती रही है, ठीक उसी तरह मुरैना जिले की मुरैना व सबलगढ़ विधानसभा सीट पर भी जनता हर बार विधायक बदलती रही है...

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जिस तरह राजस्थान की जनता हर बार सरकार बदलती रही है, ठीक उसी तरह मुरैना जिले की मुरैना व सबलगढ़ विधानसभा सीट पर भी जनता हर बार विधायक बदलती रही है। यहां लगातार दो बार कोई विधायक नहीं चुना जा सका है। मुरैना विधानसभा में 1957 से 2020 तक 15 विधानसभा चुनाव हुए। जिनमें जनता ने पांच बार कांग्रेस, छह बार भाजपा, एक बार बसपा, दो बार जनता पार्टी, एक बार प्रजातंत्र सोशलिस्ट पार्टी का विधायक चुना गया। इसी तरह सबलगढ़ विधानसभा में 1957 से लेकर 2018 तक 14 विधानसभा चुनाव हुए जिनमें जनता ने आठ बार कांग्रेस, तीन बार भाजपा, एक बार बीएसपी, एक बार निर्दलीय और एक बार जनता पार्टी को बहुमत दिया।

मध्यावधि चुनाव में भी जनता ने बदला चेहरा

मुरैना विधानसभा में तीन और सबलगढ़ विधानसभा में दो मध्यावधि चुनाव हुए उनमें भी जनता ने चेहरा बदल दिया। 2020 में कांग्रेस के 22 विधायक भाजपा में शामिल हो गए थे इसलिए म प्र में कमलनाथ की सरकार अल्पमत में आ गई और फिर मध्यावधि चुनाव कराना पड़ा। यहां मुरैना विधानसभा में 2020 के उप चुनाव में जनता ने चेहरा बदल दिया। इसी तरह मुरैना व सबलगढ़ विधानसभा में 1980 और 1993 में भी मध्यावधि चुनाव हुआ था, उसमें भी जनता ने चेहरा बदल दिया था।

1957 में आरक्षित सीटों पर होते थे दो-दो विधायक

आजादी के बाद मप्र मध्य भारत प्रांत था। पहला चुनाव 1951 मे हुए। इसके बाद 1956 में मप्र का गठन हुआ और दूसरा चुनाव 1957 में हुआ। इस दौरान अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों को राजनीति में भागीदारी दिलाने के लिए आरक्षित सीटों पर दो-दो विधायक चुने गए। इनमें एक विधायक सामान्य वर्ग और दूसरा विधायक अनुसूचित जाति वर्ग से चुना जाता था। मुरैना जिले में मुरैना व सबलगढ़ विधानसभा सीट आरक्षित थीं। इसलिए मुरैना सीट से कुंवर यशवंत सिंह और सागर चमेली बाई विधायक बनीं। वहीं सबलगढ़ सीट से बाबूलाल और बालमुकुंद विधायक बनकर असेंबली में पहुंचे।

मुरैना विधानसभा सबलगढ़ विधानसभा
- 2020 राकेश मावई (कांग्रेस)

- 2018 रघुराज कंषाना (भाजपा)

- 2013 रुस्तम सिंह (भाजपा)

- 2008 परशुराम मुदगल (बसपा)

- 2003 रुस्तम सिंह (भाजपा)

- 1998 सेवाराम गुप्ता (भाजपा)

- 1993 सोवरन मावई (कांग्रेस)

- 1990 सेवाराम गुप्ता (भाजपा)

- 1985 जाहर सिंह शर्मा (भाजपा)

- 1980 महाराज सिंह मावई (कांग्रेस)

- 1977 जबर सिंह बाबूजी (जपा)

- 1972 महाराज सिंह मावई (कांग्रेस)

- 1967 जाहर सिंह शर्मा (जपा)

- 1962 जबर सिंह बाबूजी (पीएसपी)

- 1957 यशवंत सिंह, चमेली बाई (कांग्रेंस)

- 2018 बैजनाथ कुशवाह (कांग्रेस)

- 2013 मेहरबान रावत (भाजपा)

- 2008 सुरेश चौधरी (कांग्रेस)

- 2003 मेहरबान रावत (भाजपा)

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- 1998 बूंदीलाल रावत (बसपा)

- 1993 सुरेश चौधरी (कांग्रेस)

- 1990 मेहरबान रावत (भाजपा)

- 1985 भगवती प्रसादबंसल (कांग्रेस)

- 1980 सुरेश चंद्र (कांग्रेस)

- 1977 श्रीधर हरदेनियां (जपा)

- 1972 रघुवरदयाल (कांग्रेस)

- 1967 बी सिंह (निर्दलीय)

- 1962 बुद्धाराम (कांग्रेस)

- 1957 बाबूलाल (कांग्रेस)

- बालमुकंद (कांग्रेस)

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