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मेरे सामने बीवी-बच्चा कट गया, यात्री ने रोते-रोते सुनाया मुरैना ट्रेन हादसे का खौफनाक मंजर

Morena Train Accident : मुरैना में हुए ट्रेन हादसे में 4 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। शुरुआती जांच के अनुसार, आग लगने की अफवाह फैलने के कारण ट्रेन रोकी गई थी, जिसके चलते यात्री नीचे उतर गए थे। इसी बीच दूसरी पटरी पर आई अन्य ट्रेन की चपेट में आ गए।

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Morena Train Accident

Morena Train Accident (यात्री ने रोते-रोते सुनाया मुरैना ट्रेन हादसे का खौफनाक मंजर Photo Source- Patrika)

Train Accident : एक अफवाह.. कुछ देर की अफरा-तफरी और पलक झपकते ही 4 जिंदगियां हमेशा के लिए खामौश हो गईं। मध्य प्रदेश के मुरैना में हुए दर्दनाक ट्रेन हादसे ने एक बार फिर पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। बता दें कि, खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस में आग लगने की अफवाह ने यात्रियों के बीच ऐसा डर का माहौल बनाया कि, आनन फानन में कई यात्री जान बचाने के लिए ट्रेन से कूद पड़े, लेकिन उन्हें क्या मालूम था कि, जान बचाने के लिए उठाया गया उनका वो कदम उनकी मौत का कारण बन जाएगा। दूसरी लाइन से गुजर रही पातालकोट एक्सप्रेस की चपेट में आने से तीन महिलाओं और एक बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई।

इस भीषण हादसे के बाद आरपीएफ, जीआरपी रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों समेत जिले की एसपी, कलेक्टर मौके पर तैनात रहे और हालात को काबू में करने के लिए जरुरी कदम उठाए।

नदीम ने रोते-रोते सुनाया भयावह मंजर

हादसे में जान गवाने वाली रुखसाना के पति नदीम ने उस भयावह मंजर को याद करते हुए बताया कि, 'किसी ने जनरल कोच की अलार्म चेन को खींच दी था। जैसे-जैसे ट्रेन रुक रही थी लोगों क बीच आग लगने की अफवाह बढ़ती जा रही थी। ट्रेन के सभी यात्रियों के बीच दहशत फैल गई। हालांकि, मैंने किसी तरह का धुआं या लपटें नहीं देखी, लेकिन एकाएक लोगों के बीच भगदड़ की स्थिति बन गई। भगदड़ मचने के बाद मैंने अपने बड़े बेटे रिजवान को ऊपर वाले बर्थ में बैठाकर पत्नी रुखसाना और छोटे बेटे असद को ट्रेन से बाहर खड़ा कर दिया। मैं दोनो को ट्रेन और सामने वाले ट्रेक से दूर खड़ा करके अपने बड़े बेटे को लेने लौट गया। लेकिन, जब मैं वापस लौटा तबतक सामने से ट्रेन गुजर रही थी। जब ट्रेन आगे चली गई तो ट्रेक पर मेरे बच्चे और पत्नी की शव पड़े नजर आए। मुझे समझ नहीं आ रहा कि, मैने दोनों को पटरी से दूर छोड़ा था, पर वो दोनों ट्रेन की चपेट में कैसे आ गए?

कैसे हुआ हादसा

बता दें कि, मुरैना जिले के हेतमपुर और धौलपुर स्टेशन के बीच उस वक्त चीख-पुकार मच गई, जब खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस अचानक चेन पुलिंग के कारण ट्रैक पर रुक गई। मिली जानकारी के अुसार, ट्रेन के जनरल कोच में आग लगने की अफवाह फैलने से ये अफरा-तफरी मची थी। जनरल कोच में बैठे यात्रियों में भगदड़ जैसे हालात बन गए। लोग अपनी सुरक्षा की चिंता में ट्रेन से नीचे उतरने लगे और कई यात्री ट्रैक की ओर दौड़ पड़े, लेकिन घबराहट में लिया गया फैसला चार लोगों की जिंदगी लील गया। इंटरसिटी एक्सप्रेस से उतरे कुछ यात्री पास की अप लाइन पर खड़े हो गए। तभी उस ट्रैक पर तेज रफ्तार से फिरोजपुर-सिवनी पातालकोट एक्सप्रेस गुजरी और ट्रैक पर मौजूद चार यात्रियों को चपेट में ले लिया। हादसा इतना अचानक हुआ कि, किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। मौके पर ही तीन महिलाओं और एक बच्चे की मौत हो गई।

मामले की जांच जारी

घटना की सूचना मिलते ही आरपीएफ, जीआरपी, रेलवे अधिकारी और जिला प्रशासन मौके पर पहुंच गया। मुरैना एसपी धर्मराज मीणा ने बताया कि हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस टीमों को मौके पर भेजा गया था। वहीं झांसी रेल मंडल के डीआरएम अनुरुद्ध कुमार के मुताबिक जिस स्थान पर हादसा हुआ वहां रेलवे ट्रैक पर मोड़ है। इसी वजह से यात्रियों को सामने से आ रही ट्रेन दिखाई नहीं दी। प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह अफवाह के बाद हुई चेन पुलिंग और यात्रियों का ट्रैक पर उतरना सामने आया है।