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मुरैना में कुत्तों के झुंड से बचने गहरे पानी में कूदी महिला, डूबने से हुई मौत

Woman Jumps Into Deep Water : शहर में पीछे पड़े कुत्तों के झुंड से बचने के लिए एक महिला घबराकर पानी में कूद गई, लेकिन वहां भी उसकी जान नहीं बच सकी। गहरे पानी में डूबने से मौत हो गई।

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Woman Jumps Into Deep Water

कुत्तों के झुंड से बचने गहरे पानी में कूदी महिला की डूबने से मौत (Photo Source- Input)

Morena News :मध्य प्रदेश के मुरैना में एक महिला की मौत का अजीबो गरीब मामला सामने आया। बताया जा रहा है कि, बीती रात के अंधेरे में पीछे पड़े कुत्तों के झुंड से बचने के लिए एक महिला घबराकर पानी में कूद गई, लेकिन वहां भी उसकी जान नहीं बच सकी। गहरे पानी में डूबने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि, ये हैरान कर देने वाली घटना शहर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के जौरी में हुई है।

बताया जा रहा है कि, हादसे का शिकार होकर जान हवाने वाली महिला मानसिक रूप से बीमार थी। जिस गड्ढे में महिला डूबी वो सरकारी पार्क के पास का एक हिस्सा है, जहां कई सालों से जलभराव है। ये स्थान कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना के घर से चंद कदम की दूरी पर है।

मानसिक रूप से बीमार बताई जा रही महिला

ये हैरान कर देने वाली घटना जौरी के पार्क के पास घटी है। यहां एक महिला घूमते हुए पहुंची और पार्क के पास स्थित पानी के गड्ढे के पास पेड़ के नींचे बैठ गई। इसी दौरान वहां कुत्तों का झुंड आ गया, जो महिला को देखकर भौंकने लगा। कुत्तों से बचने के लिए महिला ने डरकर पानी में छलांग लगा दी। लेकिन, जहां महिला कूदी थी वहां पानी गहरा था, जिसमें वो डूबने लगी। आसपास मौजूद लोगों की नजर महिला पर पड़ी, उसे बचाने के लिए बांस भी पानी में डाला लेकिन, मानसिक रूप से कमजोर होने के कारण महिला बांस से डरकर दूर हटने लगी और देखते ही देखते पानी में डूब गई।

500 कदम की दूरी पर मंत्री का घर

सूचना के बाद एसडीईआरएफ की टीम और सिविल लाइन थाना टीम पहुंची। ये गड्ढा सरकारी तालाब के पास है, जिसमें आसपास के घरों व नाले-नालियों का पानी सालों से जमा हो रहा है। इस स्थान से बुमिश्कल 500 कदम की दूरी पर कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना का घर (व्हाइट हाउस) है। देर रात को महिला का शव पानी से बाहर निकाला जा सका। हालांकि, अबतक मृतका की पहचान नहीं हो सकी है।

वाहनों की हेडलाइट में किया गया रेस्क्यू

पानी के इस गड्ढे के ऊपर से हाईटेंशन लाइन की लाइन गुजरी है, जो पानी से तीन से चार फीट ऊंची है। रात के समय मोटरवोट से रेस्क्यू करते समय एसडीईआरएफ की टीम को करंट फैलने का खतरा बना था, इसीलिए पहले बिजली कंपनी को सूचना देकर बिजली सप्लाई बंद करानी पड़ी इसके बाद रेस्क्यू ऑपरेशन शुरु किया गया।

सालों से भरा है पानी

लेकिन, बिजली सप्लाई बंद होते ही पूरे इलाके में अंधेरा छा गया। इसके बाद एसडीईआरएफ और पुलिस वाहन के अलावा स्थानीय लोगों ने अपने वाहन की हेडलाइड जलाईं, उसमें दो घंटे से ज्यादा देर तक रेस्क्यू ऑपरेशन चला। स्थानीय निवासियों ने बताया, कि सालों से पार्क के पास पानी भरा है, जो तालाब सा बन गया है। नाले - नालियों के पानी की निकासी नहीं होने से यहां पानी भर जाता है, बारिश के दिनों में इस पानी से क्षेत्र की मुख्य सड़क का एक हिस्सा डूब जाता है।