
Maha Corona: कस्तूरबा अस्पताल में की गई 2,758 लोगों की जांच, कोरोना वायरस की जांच को रोजाना पहुंच रहे सैकड़ों मरीज...
रोहित के. तिवारी
मुंबई. कस्तूरबा अस्पताल में हर रोज सैकड़ों की तादाद में मरीज कोरोना वायरस के परीक्षण के लिए पहुंच रहे हैं। वहीं इसके लिए महापालिका के नायर, केईएम और लोकमान्य तिलक अस्पतालों के 18 डॉक्टरों की नियुक्तियहां पर की गई है। अब तक कस्तूरबा में दो हजार सात सौ 58 लोगों की जांच की जा चुकी है। जबकि बुधवार देर शाम तक कस्तूरबा अस्पताल में 511 जांच की गईं, जिनमें से 67 को भर्ती किया गया। वहीं 76 लोगों को डिस्चार्ज मिल गया है, जबकि 74 लोगों को अभी भी देख-रेख में रखा गया है। वहीं बीएमसी के एन-वार्ड निवासी 68 वर्षीय महिला में कोरोना वायरस पॉजिटिव पाया गया, जो इंटरनेशनल सफर करके लौटी थीं। इस बीच महानगर पालिका आयुक्त की ओर से कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए तत्काल धन खर्च करने का विशेषाधिकार दिया गया है। मुंबई में महामारी के संक्रमण की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसके चलते मुंबईकर भी कोरोना के प्रकोप से घबरा रहे हैं। कोरोना वायरस के संदेह के चलते कस्तूरबा अस्पताल में जांच हो रही हैं।
प्राइवेट अस्पतालों में बेड्स...
वहीं शहर समेत विभिन्न प्रभावित देशों से आ रहे यात्रियों के अलावा वायरस के लक्षणों वाले लोगों की भीड़ कस्तूरबा अस्पताल में देखी जा सकती है। जबकि कई रोगी जुकाम, बुखार, खांसी की भी जांच करा रहे हैं कि कहीं उन्हें वे भी तो महामारी का शिकार तो नहीं हो गए। इसलिए सुबह से ही आउट पेशेंट विभाग के बाहर लंबी-लंबी कतारें लगी रहीं। वहीं कस्तूरबा अस्पताल के अलावा भी जसलोक हॉस्पिटल में 5, एकएन रिलाइंस हॉस्पिटल में 2, हिंदुजा हॉस्पिटल (माहिम) में 20, कोकोलबेन हॉस्पिटल में 17, रहेजा हॉस्पिटल में 12, जगजीवनराम रेलवे अस्पताल में 10, गुरुनानक हॉस्पिटल में 2, सेंट एलिज़ाबेथ हॉस्पिटल में 2, बॉम्बे हॉस्पिटल में 4 समेत लीलावती हॉस्पिटल में 15 जैसे प्राइवेट अस्पतालों में भी आइसोलेटेड बेड्स की व्यवस्था की गई है।
मरीजों का मार्गदर्शन...
मुंबई के अन्य अस्पतालों में कोरोना वायरस का कोई खास डर नहीं देखा जा रहा है, जबकि स्वास्थ्य संबंधी हर तरह के सुरक्षा उपायों को अपनाया जा रहा है। वहीं महामारी से संबंधित किसी भी तरह के लक्षणों वाले मरीजों को सीधे कस्तूरबा अस्पताल भेजने की व्यवस्था की जा रही है। इसके अलावा अन्य अस्पतालों के प्रशासन विभाग अलर्ट पर हैं, ताकि कोरोना वायरस को लेकर किसी भी तरह की कोई अफवाह न उड़ाई जाए, जबकि दूर-दराज से आ रहे मरीजों का भी इस मामले में मार्गदर्शन किया जा रहा है।
अन्य अस्पतालों से भेजे गए डॉक्टर्स...
पूरा आउट पेशेंट विभाग की जिम्मेदारी केवल तीन डॉक्टरों पर थी। इस पर महापालिका अस्पताल के संचालक डॉ. रमेश भारमल ने बताया कि मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए इस विभाग में डॉक्टरों की संख्या में वृद्धि की गई है। केईम, नायर और लोकमान्य तिलक अस्पताल से अन्य डॉक्टरों को कस्तूरबा के आउट पेशेंट विभाग में भेजा गया है, जहां अब 18 डॉक्टर संक्रमित लोगों की जांच कर रहे हैं।
नागरिकों का मार्गदर्शन...
वहीं अस्पताल की ओर से कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों और संदिग्धों को अलग करने की भी व्यवस्था की गई है। कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए महानगरपालिका ने भी कमर कस ली है। इसके तहत स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों समेत स्वास्थ्य स्वयंसेवक, घर-घर जाकर नागरिकों से कोरोना वायरस को लेकर बातचीत कर रहे हैं। कोरोना वायरस को रोकने के लिए नागरिकों को क्या करना है और क्या नहीं, इस पर भी मार्ग दर्शन किया जा रहा है।
आउट पेशेंट विभाग में सुविधाएं...
अस्पताल की ओर से वार्ड में कुर्सियां, पानी आदि की व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है। मरीजों का मार्ग दर्शन करने और भ्रम का कारण न बनने के लिए पुलिस भी तैनात है। साथ ही, यहां आने वाले सभी लोगों को मास्क या रूमाल बंधने की भी हिदायत दी गई है। इसलिए भीड़ के बावजूद, निरीक्षण कार्य सुचारू रूप से चल रहा है।
Corona virus कोरोना वायरस को लेकर पुलिस, परिवहन विभाग ने जारी कर दी एडवाइजरी
Published on:
19 Mar 2020 01:28 pm
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