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‘सरकार का काम RSS क्यों कर रही?’- बंगाल में 1,000 स्कूलों की तैयारी पर संजय राउत का बड़ा सवाल

Sanjay Raut on RSS: शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने पश्चिम बंगाल में RSS से जुड़ी विद्या भारती के करीब 1,000 स्कूल खोलने की चर्चा पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था संभालना केंद्र और राज्य सरकार की जिम्मेदारी है, RSS की नहीं।
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मुंबई

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Imran Sheikh

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Updated: 5 Sep 2026, 12:56 PM IST

Sanjay Raut

शिवसेना यूबीटी सांसद संजय राउत (फोटो सोर्स-IANS)

Sanjay Raut:पश्चिम बंगाल में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़ी संस्था विद्या भारती के करीब 1,000 स्कूल शुरू करने की चर्चा ने राजनीतिक बहस को हवा दे दी है। शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने इस पहल पर सवाल उठाते हुए सीधे केंद्र और राज्य सरकार की भूमिका पर निशाना साधा है। राउत का सवाल है कि जब शिक्षा व्यवस्था चलाने की जिम्मेदारी सरकार की है, तो RSS को स्कूल खोलने की जरूरत क्यों पड़ रही है?

राउत ने कहा कि अगर RSS पश्चिम बंगाल में इतने बड़े पैमाने पर स्कूल खोलने जा रही है, तो वहां पढ़ाने के लिए शिक्षक कहां से आएंगे। उन्होंने यह भी सवाल किया कि क्या राज्य सरकार और केंद्र सरकार अपनी शिक्षा व्यवस्था ठीक से नहीं चला पा रही हैं।

शिक्षा के बहाने सरकार पर सियासी हमला

राउत का बयान सिर्फ स्कूल खोलने की योजना तक सीमित नहीं है। उन्होंने इसे सरकारी शिक्षा व्यवस्था की स्थिति से जोड़ दिया है। उनका कहना है कि स्कूल चलाना और बच्चों को शिक्षा देने की व्यवस्था करना सरकार की जिम्मेदारी है। अगर सरकारी व्यवस्था ठीक काम कर रही है तो किसी संगठन को अपनी अलग शिक्षा प्रणाली खड़ी करने की जरूरत क्यों पड़ रही है?

यही सवाल अब इस पूरे मामले को राजनीतिक रंग दे रहा है। RSS और उससे जुड़े संगठन लंबे समय से शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय हैं, लेकिन पश्चिम बंगाल में करीब 1,000 स्कूलों की योजना को लेकर राउत ने इसे एक बड़े राजनीतिक और नीतिगत सवाल के तौर पर पेश किया है।

'अपना सिलेबस और शिक्षा प्रणाली शुरू करेगी?'

राउत ने सवाल उठाया कि क्या RSS अब बंगाल से अपना अलग सिलेबस और शिक्षा व्यवस्था शुरू करने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा नीति बनाना और सरकारी स्कूलों की व्यवस्था को मजबूत करना केंद्र और राज्य सरकारों की जिम्मेदारी है।

राजनीतिक तौर पर देखें तो यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम बंगाल में शिक्षा लंबे समय से सियासी बहस का अहम मुद्दा रही है। भर्ती से लेकर सरकारी स्कूलों की स्थिति और शिक्षा नीति तक, राज्य में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच लगातार आरोप-प्रत्यारोप होते रहे हैं।

अब RSS से जुड़ी संस्था की ओर से बड़ी संख्या में स्कूल खोलने की चर्चा ने इस बहस में विचारधारा का पहलू भी जोड़ दिया है। विपक्षी नेता इसे केवल शिक्षा के विस्तार के तौर पर नहीं, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में RSS की बढ़ती भूमिका के सवाल से जोड़कर देख रहे हैं।

RSS की भूमिका पर बढ़ सकती है बहस

विद्या भारती देश के अलग-अलग हिस्सों में स्कूल चलाती है और शिक्षा के क्षेत्र में लंबे समय से काम कर रही है। इसलिए स्कूल खोलने की पहल अपने आप में नई बात नहीं है। लेकिन बंगाल में इतने बड़े स्तर पर स्कूल खोलने की चर्चा के बीच राजनीतिक सवाल उठना तय माना जा रहा है।

राउत ने इसी मुद्दे को पकड़ते हुए सरकार से जवाब मांगा है। उनका मूल सवाल यही है कि अगर शिक्षा व्यवस्था सरकार की जिम्मेदारी है, तो उसे मजबूत करने के बजाय RSS को इतनी बड़ी भूमिका क्यों मिल रही है? आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर बंगाल की राजनीति में और बयानबाजी देखने को मिल सकती है।

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