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महाराष्ट्र: भिवंडी में पहले झुकी इमारत, फिर भरभराकर गिरी; हादसे में आठ की मौत, मलबे में जिंदगी की तलाश जारी

Maharashtra Building Collapse: महाराष्ट्र के भिवंडी में चार मंजिला कोहिनूर बिल्डिंग का हिस्सा गिरने से बड़ा हादसा हो गया। तीन लोगों की मौत हुई है, जबकि कई लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका के बीच बचाव अभियान जारी है।
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मुंबई

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Imran Sheikh

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Updated: 31 Jul 2026, 10:04 AM IST

Bhiwandi Building Collapse

भिवंडी में गिरी चार मंजिला इमारत के मलबे से 3 शव बरामद किए गए हैं। बचाव कार्य जारी है। फोटो सोर्स- (PTI)

Latest Maharashtra News: महाराष्ट्र के भिवंडी में गुरुवार देर रात बड़ा हादसा हो गया। बालाजी नगर की कोहिनूर बिल्डिंग का एक हिस्सा अचानक गिर गया। चार मंजिला इमारत के मलबे में दबने से अब तक आठ लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं कई लोगों के अभी भी अंदर फंसे होने की आशंका है। उन्हें निकालने के लिए राहत और बचाव का काम लगातार जारी है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि हादसे से कुछ समय पहले ही इमारत से दरार पड़ने जैसी तेज आवाजें आने लगी थीं। इसके बाद बिल्डिंग हल्की झुकी हुई भी दिखाई दे रही थी। खतरा महसूस होते ही आसपास के लोगों ने कई परिवारों और मजदूरों को बाहर निकाल दिया। लेकिन कुछ लोग अभी बाहर निकल ही रहे थे कि बिल्डिंग का एक हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया।

अब तक आठ लोगों की मौत

बताया जा रहा है कि हादसे के समय बिल्डिंग में मरम्मत का काम चल रहा था। शुरुआती बचाव अभियान में एक महिला और एक घायल युवक को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। बाद में मलबे से लगातार शव निकाले गए और अब तक आठ लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।

हादसे की सूचना मिलते ही एनडीआरएफ, ठाणे डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स, दमकल विभाग और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं। जेसीबी और दूसरी भारी मशीनों की मदद से मलबा हटाया जा रहा है। डॉग स्क्वॉड और एंबुलेंस भी मौके पर तैनात हैं। अधिकारियों का कहना है कि जब तक मलबे में फंसे सभी लोगों का पता नहीं चल जाता, तब तक राहत अभियान जारी रहेगा।

मरम्मत का काम चल रहा था

नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक, कोहिनूर बिल्डिंग में 48 कमरे थे और इसे पहले ही जर्जर व खतरनाक इमारतों की सूची में रखा गया था। इसके बावजूद यहां मरम्मत का काम चल रहा था। अब प्रशासन इस बात की भी जांच कर रहा है कि कहीं किसी की लापरवाही तो इस हादसे की वजह नहीं बनी।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि घटनास्थल पर भीड़ न लगाएं और राहत कार्य में सहयोग करें। साथ ही अफवाहों से बचें और सिर्फ प्रशासन की ओर से जारी जानकारी पर ही भरोसा करें। फिलहाल पूरे इलाके की नजर मलबे में चल रहे बचाव अभियान पर टिकी हुई है।

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