
अभिजीत दीपके और महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस (Photo: IANS)
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की 'अराजकतावादी' टिप्पणी पर तीखा पलटवार किया है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन करने के बाद छत्रपति संभाजीनगर स्थित अपने घर लौटे दीपके ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से सवाल उठाने वालों को अराजकतावादी कहना गलत है।
छत्रपति संभाजीनगर पहुंचने के बाद मीडिया से बातचीत में दीपके ने कहा कि वह आंदोलन के दौरान अपने साथ बाबासाहेब अंबेडकर की पुस्तक लेकर गए थे। उन्होंने सवाल किया कि क्या अंबेडकर के विचारों का अनुसरण करना अराजकता है? क्या 'जय भीम' के नारे लगाना अराजकता माना जाएगा?
उन्होंने आगे कहा, "देवेंद्र फडणवीस हमारे मुख्यमंत्री हैं, उन्हें थोड़ा सोचना चाहिए। वह उत्तर प्रदेश के नहीं, बल्कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री हैं। हमारा महाराष्ट्र सुधारवादी, सेक्युलर (धर्मनिरपेक्ष) और प्रगतिशील विचारों वाला राज्य है।"
भाजपा का नाम लिए बिना दीपके ने आरोप लगाया कि पिछले एक दशक से देश में हिंदू-मुस्लिम राजनीति को बढ़ावा दिया जा रहा है, लेकिन इससे युवाओं को न नौकरी मिलती है और न ही उनकी शिक्षा व्यवस्था मजबूत होती है। उन्होंने कहा कि सरकार को अपने प्राथमिक मुद्दों और फोकस में बदलाव करने की जरूरत है।
अभिजीत दीपके ने राजनीतिक विरोधियों को पाकिस्तान समर्थक बताने की प्रवृत्ति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "कभी मुझे पाकिस्तानी कहा जाता है, कभी पत्रकारों को और कभी विपक्षी नेताओं को। फिर आखिर भारतीय कौन है? क्या सिर्फ भाजपा और आईटी सेल से जुड़े लोग ही भारतीय हैं?"
नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं और छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर दीपके ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर भी सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि सरकार केंद्रीय शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय नहीं कर सकती, तो शिक्षा व्यवस्था में सुधार की उम्मीद करना मुश्किल है।
उन्होंने कहा, "लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर लगाने वालों की जवाबदेही तय होनी चाहिए। जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं देते, तब तक हमारा आंदोलन खत्म नहीं होगा।" लोकतंत्र में असहमति और सवाल पूछना देशविरोध नहीं बल्कि नागरिक का अधिकार होता है।
शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित आंदोलन को सफल बताते हुए अभिजीत दीपके ने दावा किया कि इसमें छह से सात हजार लोगों ने हिस्सा लिया था। उन्होंने कहा कि आंदोलन की मूल मांग अभी तक पूरी नहीं हुई है, इसलिए संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने घोषणा की कि अब यह आंदोलन दिल्ली तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे देशव्यापी अभियान का रूप दिया जाएगा। आगामी राष्ट्रीय आंदोलन की रूपरेखा और तारीख जल्द ही घोषित की जाएगी।
अमेरिका के बोस्टन से भारत लौटने के बाद सीधे दिल्ली में आंदोलन का नेतृत्व करने वाले अभिजीत दीपके रविवार तड़के छत्रपति संभाजीनगर स्थित अपने निवास पहुंचे। उनके घर पहुंचने पर समर्थकों और परिवार के लोगों ने उनका स्वागत किया।
इस बीच प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी है। वालुज एमआईडीसी क्षेत्र स्थित उनके आवास पर पुलिस बल तैनात किया गया है। एक अधिकारी के अनुसार, उनके घर के बाहर करीब 15 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है।
Updated on:
8 Jun 2026, 8:59 AM IST
Published on:
8 Jun 2026, 8:59 AM IST
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