
अयोध्या स्थित राम मंदिर। फोटो सोर्स-एएनआइ
Ram Mandir Donation Scam: अयोध्या राम मंदिर की दान राशि में कथित गड़बड़ी को लेकर सियासत एक बार फिर तेज हो गई है। महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने मामले की जांच पर सवाल उठाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने दिखावे के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआइटी) बनाई है। उनका आरोप है कि जांच सही दिशा में नहीं हो रही और बड़े जिम्मेदार लोगों तक कार्रवाई नहीं पहुंच रही।
मीडिया से बातचीत के दौरान नाना पटोले ने कहा कि कांग्रेस शुरू से इस पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग करती रही है। उनके मुताबिक, केवल निचले स्तर के लोगों पर कार्रवाई करने से सच सामने नहीं आएगा। अगर सरकार वास्तव में सच्चाई जानना चाहती है तो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। पटोले ने सीधे भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर 'प्रभु राम के दान को लूटने' का सीधा आरोप मढ़ दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में नाना पटोले ने घोटाले की जो रकम बताई है, उसने पूरे देश की राजनीति को गरमा दिया है।
नाना पटोले ने सरकार और जांच एजेंसियों की थ्योरी को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि वहां (अयोध्या) जो चोरी, लूट और डकैती हुई है, उसे किसी और ने नहीं बल्कि सीधे बीजेपी के लोगों ने ही अंजाम दिया है। यह मामला सिर्फ 80 लाख रुपए का नहीं है, जैसा कि दिखाने की कोशिश की जा रही है। यह कुल लूट 500 करोड़ रुपए से ज्यादा की है।
कांग्रेस नेता ने उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआइटी) को 'फर्जी और दिखावा' बताते हुए कहा कि मामले में एसआइटी बनाने का नाटक करने की जरूरत ही क्या थी? लोकल पुलिस स्टेशन में तुरंत एफआइआर (प्रथम सूचना रिपोर्ट) दर्ज क्यों नहीं कराई गई? इस महालूट में शामिल हर एक बड़े चेहरे के खिलाफ केस दर्ज होना चाहिए था, लेकिन आज तक उनके खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है। यह सिर्फ सच को दबाने का हथकंडा है।
दरअसल, यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब राम मंदिर की दान पेटियों से नकदी गायब होने के आरोप लगे। जांच में सामने आया कि पैसे गिनने वाले कुछ कर्मचारियों ने बंडलों में हेराफेरी की और सीसीटीवी कैमरों से बचकर पैसे छिपाए। इस मामले ने तब बड़ा रूप ले लिया जब 'श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास' के महासचिव चंपत राय और विश्वस्त अनिल मिश्रा ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए बीते 26 जून को अपने पदों से इस्तीफा दे दिया।
हालांकि, यूपी सरकार की एसआइटी जांच के बाद अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, लेकिन विपक्ष इस कार्रवाई से कतई संतुष्ट नहीं है। नाना पटोले के इस '500 करोड़ के डाके' और 'सीधे बीजेपी कनेक्शन' वाले नए एंगल ने चुनावी माहौल में विपक्ष के हाथ में एक बहुत बड़ा और संवेदनशील मुद्दा थमा दिया है, जिससे आने वाले दिनों में सियासी घमासान और तेज होना तय है।
Updated on:
30 Jun 2026 02:30 pm
Published on:
30 Jun 2026 02:29 pm
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