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Maharashtra Politics: फडणवीस ने राज ठाकरे से की मुलाकात, बीजेपी और मनसे के बीच क्या पक रही सियासी खिचड़ी?

Devendra Fadnavis Raj Thackeray Meeting : पहली बार महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में राज ठाकरे की मनसे एक भी सीट नहीं जीत सकी।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Feb 11, 2025

Raj Thackeray MNS BJP

महाराष्ट्र में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों के लिए बीजेपी-मनसे गठबंधन की सुगबुगाहट के बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे से मुलाकात की है। दोनों नेताओं के बीच यह मुलाकात राज्य के सत्तारूढ़ महायुति गुट के भीतर आंतरिक संघर्ष की खबरों के बीच हुई हैं।

सीएम फडणवीस ने सोमवार को मनसे प्रमुख राज ठाकरे से उनके आवास ‘शिवतीर्थ’ पर जाकर मुलाकात की। मुख्यमंत्री बनने के बाद देवेंद्र फडणवीस की राज ठाकरे से यह पहली मुलाकात है। फ़िलहाल यह पता नहीं चला है कि दोनों नेताओं के बीच क्या बातचीत हुई. लेकिन कहा जा रहा है कि राज ठाकरे और बीजेपी स्थानीय चुनाव में साथ आ सकते हैं।

बता दें कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव में भी बीजेपी-मनसे की गठबंधन की अटकलें लग रहीं थीं। हालांकि लोकसभा में ठाकरे ने बिना शर्त बीजेपी को समर्थन दिया था, जबकि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में मनसे ने अपने उम्मीदवार उतारे थे।

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रिपोर्ट के अनुसार, राज ठाकरे ने सीएम फडणवीस को मुंबई के दादर इलाके में शिवाजी पार्क के पास स्थित अपने आवास पर आमंत्रित किया था। मनसे नेता संदीप देशपांडे ने बताया कि यह एक निजी और शिष्टाचार मुलाकात थी।

नहीं खुला खाता, अमित ठाकरे की करारी हार

पिछले साल नवंबर में हुए 288 सदस्यीय महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में मनसे ने निराशाजनक प्रदर्शन किया। 128 सीटों पर चुनाव लड़ने वाली मनसे एक भी सीट नहीं जीत सकी। यहां तक की पहली बार चुनाव लड़ रहे राज ठाकरे के बेटे अमित ठाकरे बुरी तरह हार गए। मनसे की स्थापना के बाद यह पहली बार था कि मनसे विधानसभा चुनाव में एक भी सीट नहीं जीत सकी। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद राज ठाकरे ने भी विपक्षी नेताओं की तरह ईवीएम पर सवाल उठाया था।

गौरतलब हो कि राज ठाकरे ने अपने चाचा बालासाहेब ठाकरे की शिवसेना को अलविदा कहने के बाद मनसे की स्थापना की और साल 2009 में चुनावी राजनीति में कदम रखा. 2009 में पहली बार चुनाव लड़ने पर मनसे ने 13 सीटें जीती थीं। वहीँ, 2014 और 2019 के विधानसभा चुनाव में पार्टी के पास एक-एक विधायक थे।

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