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100 करोड़ के फ्रॉड मामले में ईडी का एक्शन, दुबई भागे कारोबारी की 61.91 करोड़ की संपत्ति कुर्क

Investment Fraud Case: ईडी ने वीआईपीएस ग्रुप की 24 करोड़ 41 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की है।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Apr 07, 2024

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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने निवेश फ्रॉड मामले में पुणे स्थित वीआईपीएस ग्रुप ऑफ कंपनीज के मालिक के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया है। मल्टी लेवल मार्केटिंग स्कीम के जरिए निवेशकों से धोखाधड़ी करने के आरोप में विनोद खुटे के खिलाफ यह कार्रवाई हुई है। ईडी ने वीआईपीएस ग्रुप की 24 करोड़ 41 लाख रुपये की संपत्ति कुर्क की है। आरोपी विनोद दुबई फरार हो गया है।

100 करोड़ का फ्रॉड

विनोद तुकाराम खुटे, संतोष तुकाराम खुटे, मंगेश खुटे, किरण पीतांबर अनारसे, अजिंक्य बडधे और अन्य पर निवेशकों से धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज किया गया है। ईडी ने जून में मुंबई, पुणे और अहमदाबाद में वीआईपीएस समूह के कार्यालयों पर छापा मारा था। अब समूह की संपत्ति जब्त कर ली गई है। इसमें 58 बैंकों में रखा 21.27 करोड़ रुपये और 3.14 करोड़ रुपये का बैंक डिपॉजिट शामिल हैं। विनोद खुटे और अन्य आरोपियों ने निवेशकों से 100 करोड़ से ज्यादा की धोखाधड़ी की है। यह भी पढ़े-IIT बॉम्बे के 36% छात्रों को नहीं मिला जॉब, राहुल गांधी बोले- मोदी के पास न रोजगार नीति है और न ही नीयत


हवाला से पैसे ठिकाने लगाए

आरोप है कि निवेशकों को धोखा देकर उनसे पैसा लिया गया और हवाला के जरिए विदेश भेजा गया। इससे पहले ईडी दुबई में उनकी 37 करोड़ 50 लाख रुपये की संपत्ति जब्त कर चुकी है। इस मामले में अब तक कुल 61.91 करोड़ रुपये की कुर्की की गई है।

कुर्क की करोड़ों की संपत्ति

ईडी ने अधिकारिक बयान में कहा, मनी लॉन्ड्रिंग के प्रावधानों के तहत एक अनंतिम कुर्की आदेश जारी किया है, जिसमें विभिन्न व्यक्तियों, संस्थाओं और फर्मों के 24.41 करोड़ रुपये की चल संपत्ति कुर्क की गई है। जिनका उपयोग पुणे स्थित वीआईपीएस ग्रुप ऑफ कंपनीज़ और मेसर्स ग्लोबल एफिलिएट बिजनेस कंपनी के मालिक विनोद खुटे द्वारा अपराध की आय को छुपाने के उद्देश्य से किया जाता था।

निवेश के नाम पर लगाया चूना!

इस स्कीम में निवेशक को हर महीने दो से तीन प्रतिशत ब्याज देकर पूरे निवेश पर बढ़िया रिटर्न देने का झांसा दिया गया था। इसके लिए विनोद खुटे ने फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम से एक कंपनी बनाई। ज़ूम और ऑनलाइन मीटिंग के ज़रिए निवेशकों को बेहतर रिटर्न का लालच दिया।

जांच से पता चला कि इस स्कीम में निवेशकों ने कई करोड़ रुपये का निवेश किया। निवेश में मिली रकम को कई फर्जी फार्मों में लगाया गया। यह पैसा हवाला के जरिए विदेश भेजा गया। हवाला चैनलों और शेल कंपनियों के जरिए देश से बाहर पैसे भेजे गए। इसके चलते ईडी ने पुणे के कारोबारी विनोद खुटे और उनके परिवार के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज कर लगाम कसी है। ईडी ने पुणे के भारती विद्यापीठ पुलिस स्टेशन में भी शिकायत दर्ज कराई है।