
ड्रग माफिया ललित पाटील गिरफ्तार
Pune Sassoon Hospital Drug Case: महाराष्ट्र में पुणे जिले के ससून अस्पताल से फरार हुए ड्रग माफिया ललित पाटील को आखिरकार पुलिस ने पकड़ लिया है। कथित तौर पर 300 करोड़ के ड्रग्स केस में आरोपी ललित पाटील को दबोचने के लिए पुलिस की दस टीमें गठित की गई थी। बीती रात चेन्नई में छुपे पाटील को मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार किया। ललित को सीधे मुंबई लाया गया और अंधेरी कोर्ट में पेश किया गया।
मुंबई पुलिस ने बताया कि कोर्ट ने ड्रग माफिया ललित पाटील को 23 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेजा है। बताया जा रहा है कि कोर्ट में ललित ने दावा किया है कि पुणे पुलिस से उसकी जान को खतरा है। ललित की तरफ से वकील ने न्यायिक हिरासत में भेजने की मांग की थी, लेकिन उसे पुलिस हिरासत में भेजा गया है। यह भी पढ़े-ऑनर किलिंग से दहली मुंबई, बेटी ने दूसरे धर्म के लड़के से की शादी, पिता-भाई ने दोनों को मार डाला
5 दिन की पुलिस कस्टडी
रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपी ललित ने कोर्ट से कहा कि पुणे पुलिस से उसकी जान को खतरा है। आरोपी की ओर से वकील ने न्यायिक हिरासत का अनुरोध किया। लेकिन मुंबई की साकीनाका पुलिस की ओर से सरकारी वकील ने कोर्ट को बताया कि, ''यह एक बड़ा ड्रग रैकेट है और इसमें 12 आरोपी हैं। बारहवें आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। जिसने पुलिस जांच में बताया कि वह ड्रग्स बनाने के लिए कच्चे माल की सप्लाई भूषण पाटिल की नासिक में मौजूद फैक्ट्री में करता था। इसमें ललित पाटील भी शामिल था और वह अस्पताल से रैकेट चला रहा था।"
कोर्ट ने नहीं सुनी बात!
मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायाधीश ने ललित को सोमवार तक पांच दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया। ललित पाटील को ड्रग्स गिरोह का मुखिया बताया जा रहा है। इसलिए उससे पूछताछ में बड़ा खुलासा होने की उम्मीद है।
ललित ने आरोपों से किया इनकार
इस मामले में कई गिरफ्तारियां हो चुकी है। दो आरोपियों को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के बारांबकी से हिरासत में लिया गया है। यहां तक कि अस्पताल के डीन पर भी सवाल उठ रहे है। ललित ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि ड्रग्स केस में उसका कोई हाथ नहीं है।
क्या है मामला?
मालूम हो कि पुणे का ससून जनरल अस्पताल बड़ा सरकारी अस्पताल है। हाल ही में अस्पताल परिसर में दो करोड़ रुपये की ड्रग्स मिली थी। जिसके बाद पुणे के बंडगार्डन पुलिस स्टेशन में एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था। इस मामले का मुख्य आरोपी ललित पुलिस की नाक के नीचे से फरार हो गया था।
ड्रग मामले में पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद ललित पाटील को इलाज के लिए ससून अस्पताल में भर्ती कराया था। यहां 9 महीने तक इलाज कराने के बाद वह पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था। पुलिस की जांच में पता चला है कि ललित अपने भाई भूषण के साथ मिलकर नासिक में ड्रग्स फैक्ट्री चला रहा था।
Published on:
18 Oct 2023 02:59 pm
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