
एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस
महाराष्ट्र में बीजेपी और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के बीच सीट बंटवारे का मुद्दा सुलझता नजर नहीं आ रहा है। खबर है कि राज्य की छह लोकसभा सीटों- ठाणे, पालघर, रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग, नासिक, संभाजीनगर और धाराशिव पर दोनों दलों ने दावा किया है। हालांकि अब इनमें से चार सीटों पर सहमति बनने की जानकारी सामने आ रही है।
ठाणे
मिली जानकारी के मुताबिक, बीजेपी, शिवसेना और एनसीपी अजित पवार गुट के नेताओं की बैठक में सीट बंटवारे पर लंबी चर्चा की गई और कुछ सीटों का समाधान हो गया है। इसके मुताबिक, कल्याण और ठाणे की सीट एकनाथ शिंदे की शिवसेना को दी जा सकती है। ऐसा हुआ तो सीएम एकनाथ शिंदे के बेटे श्रीकांत शिंदे का कल्याण से फिर चुनावी मैदान में उतरने का रास्ता साफ हो जाएगा। यह भी पढ़े-शिवसेना में बढ़ी बेचैनी! BJP के कहने पर एक उम्मीदवार का कटेगा पत्ता, पहले से वेटिंग पर है 5 सांसद
श्रीकांत शिंदे कल्याण निर्वाचन क्षेत्र से सांसद हैं। लेकिन अभी तक श्रीकांत की उम्मीदवारी की घोषणा नहीं की गयी है। दरअसल बीजेपी ने ठाणे और कल्याण पर दावा ठोका है, जिससे शिंदे की दुविधा बढ़ गई।
कल्याण
वहीँ, एकनाथ शिंदे के गढ़ ठाणे से नरेश म्हस्के या प्रताप सरनाईक को उम्मीदवार बनाया जाएगा। ठाणे सीट पर उद्धव ठाकरे गुट के मौजूदा सांसद राजन विचारे से कड़ी टक्कर मिलेगी। हालांकि शिंदे खेमे में नरेश म्हस्के का नाम सबसे ऊपर है. लेकिन म्हस्के के खिलाफ ईडी जांच बीच में रोड़ा बन रहा हैं। शिंदे गुट के कुछ नेताओं को लगता है कि म्हस्के को टिकट देना सही नहीं होगा क्योंकि इससे चुनाव पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
महायुति ने ठाणे, कल्याण, संभाजीनगर और पालघर सीटों पर खींचतान के चलते उम्मीदवारों के नाम की घोषणा नहीं की। इन सीटों पर बीजेपी और शिवसेना दोनों ने दावा किया था। नतीजा यह हुआ कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पहली सूची में अपने मौजूदा सांसद बेटे के नाम की घोषणा भी नहीं कर सके।
माना जा रहा था कि बीजेपी ने शिंदे गुट के सामने शर्त रखी थी कि ठाणे या कल्याण सीट उसे दी जाए। हालांकि, सूत्रों ने कहा कि देवेंद्र फडणवीस के साथ लंबी चर्चा के बाद आखिरकार एकनाथ शिंदे दोनों सीटों को अपने पाले में लाने में सफल रहे।
पालघर
बीजेपी पालघर की सीट पाने में कामयाब रही है। पिछली बार बीजेपी के राजेंद्र गावित ने शिवसेना के टिकट पर पालघर से चुनाव लड़ा था और जीत हासिल की थी। इसलिए बीजेपी इस सीट पर दावा कर रही है। कहा जा रहा है कि चर्चा के बाद शिंदे गुट ने यह सीट बीजेपी को दे दी है। कहा जा रहा है कि मौजूदा सांसद राजेंद्र गावित का यहां से पत्ता कट सकता है। बताया जा रहा है कि गावित इस बार बीजेपी से चुनाव लड़ने के इच्छुक हैं।
संभाजीनगर
एकनाथ शिंदे गुट छत्रपति संभाजीनगर की सीट हासिल करने में सफल हो गई है। बीजेपी ने संभाजीनगर पर दावा किया था। लेकिन चर्चा के बाद बीजेपी पीछे हट गई है। संभाजीनगर से अब शिवसेना नेता संदीपान भुमरे के चुनाव लड़ने की संभावना है। अगर ऐसा हुआ तो भुमरे का मुकाबला ठाकरे खेमे के नेता चंद्रकांत खैरे और एमआईएम के इम्तियाज जलील से होगा।
Published on:
01 Apr 2024 08:55 pm
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