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महाराष्ट्र में कैबिनेट विस्तार के लिए बैठक पर बैठक, लेकिन नतीजा कुछ नहीं, कहां फंसा है पेंच?

Maharashtra Cabinet Expansion: पिछले दो दिनों में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री अजित पवार के बीच दो बैठकें हो चुकी हैं।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Jul 12, 2023

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महायुति का सीट बंटवारें का फॉर्मूला तय

Maharashtra Politics: महाराष्ट्र में पिछले कुछ दिनों से सियासी हलचल तेज हो गई है। वहीं, मानसून सत्र शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार के एक और कैबिनेट विस्तार की भी चर्चा जोरों पर है। सत्ताधारी दल जल्द से जल्द कैबिनेट का विस्तार तो करना चाहते हैं, लेकिन विभागों के बंटवारे पर फ़ॉर्मूला तय नहीं हो पा रहा है। सीएम शिंदे और दोनों डिप्टी सीएम- देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार के बीच कई मैराथन बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन मंत्रालयों के बंटवारे का मसला नहीं सुलझ सका है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, कैबिनेट में अहम विभागों को लेकर खींचतान चल रही है. अजित पवार गुट तीन अहम विभागों को लेकर अड़ा हुआ है। इस महीने की शुरुआत में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) का एक धड़ा अजित पवार के नेतृत्व में शिंदे-फडणवीस सरकार में शामिल हो गया था। अजित पवार सहित एनसीपी के 9 विधायकों ने 2 जुलाई को मंत्री पद की शपथ ली, लेकिन दस दिन बीत जाने के बावजूद उनके विभागों का आवंटन नहीं किया गया है। यह भी पढ़े-महाराष्ट्र कैबिनेट से BJP और शिवसेना के 4-4 मंत्रियों की हो सकती है छुट्टी

खबर है कि सीएम शिंदे का कहना है कि पहले कैबिनेट विस्तार कर लिया जाये और फिर बाद में सही समय पर मंत्रालय का बंटवारा किया जाये। लेकिन उनके इस रुख का भी फायदा नहीं हुआ। पिछले दो दिनों में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री अजित पवार के बीच दो बैठकें हो चुकी हैं। तीनों नेता आधी रात में मुख्यमंत्री के वर्षा बंगले पर मंथन करते रहे, हालांकि बैठक बेनतीजा ही रही।

यहां अटक रही बात!

सूत्रों का कहना है कि अजित पवार गुट महाराष्ट्र सरकार में राजस्व, वित्त और जल संसाधन जैसे तीन महत्वपूर्ण विभागों को मांग रहा है। जबकि बीजेपी नेता राधाकृष्ण विखे पाटिल (Radhakrishna Vikhe Patil) पहले से ही राजस्व मंत्री है। इस बीच, वित्त और जल संसाधन दोनों खाते वर्तमान में उपमुख्यमंत्री फडणवीस के पास हैं।

उधर, शिंदे गुट के विधायक अजित पवार को वित्त मंत्रालय देने के सख्त खिलाफ हैं। एकनाथ शिंदे की बगावत के दौरान उनके गुट के विधायकों ने तत्कालीन वित्तमंत्री अजित पवार पर फंड आवंटन में भेदभाव करने का आरोप लगाया था। शिंदे गुट का कहना है कि अगर फिर से अजित दादा के पास वित्त विभाग चला गया तो वह पहले की तरह ही काम करेंगे। यह भी पढ़े-शिंदे-फडणवीस कैबिनेट विस्तार पर सस्पेंस कायम, नहीं बन पाया सबको खुश करने वाला फॉर्मूला?


अब दिल्ली में होगा फैसला?

दो-तीन बैठकों के बाद भी विभागों के आवंटन की समस्या जस की तस बनी हुई है। शिंदे गुट के विरोध के बावजूद अजित पवार का गुट वित्त मंत्री पद पर जोर दे रहा है। इसलिए अब यह विवाद दिल्ली में बीजेपी के दिग्गज नेताओं के दरबार में जाने की संभावना है। इसके लिए मुख्यमंत्री शिंदे, उपमुख्यमंत्री फडणवीस व अजित पवार आज दिल्ली के लिए रवाना हो सकते है। दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की मौजूदगी में इन तीनों नेताओं की बैठक होने की खबर है।

मालूम हो कि अजित पवार और आठ अन्य एनसीपी नेताओं के मंत्री बनने से महाराष्ट्र मंत्रिमंडल के कुल सदस्यों की संख्या बढ़ कर 29 हो गई है। अभी भी मंत्रिपरिषद के बहुप्रतीक्षित विस्तार से 14 रिक्तियां शेष रह गई हैं। राज्य में अधिकतम 43 मंत्री हो सकते हैं। बीजेपी और उसकी सहयोगी शिंदे नीत शिवसेना के मंत्रिपरिषद में 10-10 कैबिनेट मंत्री हैं।