
महाराष्ट्र सरकार ने की मनोज जरांगे से अनशन खत्म करने की अपील (Photo: IANS)
Maharashtra Maratha Protest: मराठा आरक्षण और कुनबी जाति प्रमाण पत्र की मांग को लेकर कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटील की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का आज पांचवां दिन है। जरांगे पाटील की तबीयत लगातार बिगड़ने के बीच महाराष्ट्र सरकार ने अपना रुख स्पष्ट करते हुए उनसे आंदोलन खत्म करने की अपील की है। सरकार ने कहा है कि वह उनकी प्रमुख मांगों पर काम कर रही है और अब आंदोलकारियों को भी 'दो कदम आगे बढ़ने' की जरूरत है।
कैबिनेट मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटील और उदय सामंत ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार की ओर से उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी। सरकार के मुताबिक, जालना के जिला कलेक्टर ने खुद मनोज जरांगे पाटील से मुलाकात की और उन्हें कुनबी जाति प्रमाण पत्र जारी करने से संबंधित ड्राफ्ट प्रस्ताव सौंपा है।
सरकार ने कहा कि मराठा समाज की मांगों को लेकर सकारात्मक तरीके से कदम उठाए जा रहे हैं। मंत्रियों ने जरांगे पाटील से अपील की कि सरकार की ओर से उठाए जा रहे कदमों को देखते हुए उन्हें भी अपना रुख नरम करना चाहिए और भूख हड़ताल खत्म करनी चाहिए।
सरकार की ओर से यह अपील ऐसे समय की गई है, जब जरांगे पाटील की तबीयत लगातार खराब होने की खबरों के बीच राज्य के कई हिस्सों में आंदोलन तेज होता जा रहा है।
जरांगे पाटील के समर्थन में मराठा आंदोलकारियों ने धुले-सोलापुर महामार्ग को रोक दिया। महाकाला और अंकुशनगर क्षेत्र में प्रदर्शनकारियों ने दोनों दिशाओं में रास्ता रोको आंदोलन किया, जिसके कारण हाईवे पर भारी ट्रैफिक जाम लग गया।
दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और सैकड़ों वाहन फंस गए। करीब दो घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। बाद में पुलिस के हस्तक्षेप के बाद प्रदर्शनकारियों को हटाया गया और धुले-सोलापुर महामार्ग पर यातायात फिर से शुरू हो गया।
मनोज जरांगे पाटील के समर्थन में पुणे में भी मराठा समाज के लोगों ने आंदोलन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से जल्द से जल्द मराठा आरक्षण और कुनबी प्रमाण पत्र से जुड़ी मांगों को स्वीकार करने की मांग की। आंदोलकारियों का कहना है कि सरकार को इस मुद्दे पर जल्द फैसला लेना चाहिए, क्योंकि जरांगे पाटील की तबीयत बिगड़ रही है।
जरांगे पाटील के आंदोलन का असर धाराशिव में भी दिखाई दे रहा है। पिछले दो दिनों से यहां मराठा समाज के लोग सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं। सरकार की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए मराठा कार्यकर्ताओं ने 3 सितंबर को धाराशिव बंद का आह्वान किया है। कार्यकर्ताओं ने लोगों से स्वेच्छा से बंद में शामिल होने की अपील की है। व्यापारी संगठनों ने भी इस बंद को समर्थन देने की बात कही है।
मराठा कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द सकारात्मक फैसला नहीं लिया तो आंदोलन को और अधिक आक्रामक किया जाएगा। सड़क जाम से लेकर बंद तक विरोध का दायरा बढ़ता दिखाई दे रहा है।
फिलहाल सरकार की ओर से जरांगे पाटील को कुनबी प्रमाण पत्र से संबंधित ड्राफ्ट प्रस्ताव सौंपे जाने के बाद गेंद एक बार फिर दोनों पक्षों के बीच बातचीत के पाले में है। आने वाले समय में सरकार और आंदोलनकारियों के बीच होने वाली बातचीत इस आंदोलन की दिशा तय कर सकती है।
Updated on:
02 Sept 2026 11:21 pm
Published on:
02 Sept 2026 11:20 pm
