
महाराष्ट्र में भारी बारिश का अलर्ट (AI Image)
महाराष्ट्र में अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज बदला हुआ रहेगा। बंगाल की खाड़ी (Bay of Bengal) में बने निम्न दाब क्षेत्र (LPA) के असर से 30 सितंबर तक राज्य के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश होने की संभावना है। 27, 28 और 29 सितंबर को मुंबई समेत पूरे कोंकण में बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के पूर्वानुमान के मुताबिक, 26 से 30 सितंबर के दौरान मराठवाडा, मध्य महाराष्ट्र, कोंकण और गोवा में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। जबकि 28 सितंबर को कोंकण और गोवा और मध्य महाराष्ट्र के घाट क्षेत्रों में भी अत्यधिक भारी बारिश की भविष्यवाणी की गई है।
आईएमडी के मुताबिक, 26, 27 सितंबर और 2 अक्टूबर को विदर्भ में अधिकांश/कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश/तूफान और अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग ने कहा, 26 सितंबर से 2 अक्टूबर के दौरान मध्य महाराष्ट्र, कोंकण और गोवा में; 26 से 29 सितंबर के दौरान मराठवाड़ा में कई/कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश/तूफान और अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। 27 और 28 सितंबर को मराठवाडा और 27 और 29 सितंबर को मध्य महाराष्ट्र, कोंकण और गोवा मैं बहुत भारी बारिश होने की उम्मीद है। 28 सितंबर को कोंकण और गोवा तथा मध्य महाराष्ट्र के घाट क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है।
वहीँ, अगले 5 दिनों के दौरान विदर्भ में तूफान और 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाओं की संभावना है। पिछले 24 घंटों में (सुबह साढ़े 8 बजे तक) विदर्भ में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश (70 से 110 मिमी) दर्ज की गई है।
आईएमडी के मुताबिक, 28 सितंबर को कोंकण और गोवा और मध्य महाराष्ट्र के घाट क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानोँ पर अत्यधिक भारी वर्षा (210 मिमी से अधिक) होने की संभावना है। 27 और 28 सितंबर को मराठवाड़ा में, जबकि 27 और 29 सितंबर को मध्य महाराष्ट्र, कोंकण और गोवा में अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी वर्षा (120-200 मिमी) की संभावना है। मौसम विभाग और प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
5 अक्टूबर से पहले महाराष्ट्र से दक्षिण-पश्चिम मानसून (Southwest Monsoon 2025) के विदा होने की उम्मीद नहीं है। मौसम विभाग ने बताया कि मानसून आज (26 सितंबर) को गुजरात के कुछ और हिस्सों, पूरे राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कुछ और हिस्सों और पूरे पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र (जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड) से वापस चला गया है। दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी रेखा अब वेरावल, भरूच, उज्जैन, झांसी, शाहजहांपुर से होकर गुजरती है।
बता दें कि महाराष्ट्र से मानसून की विदाई 5 अक्टूबर के आसपास शुरू होती है, जबकि मुंबई से यह 10 अक्टूबर तक लौट जाता है।
Updated on:
26 Sep 2025, 9:03 PM IST
Published on:
26 Sep 2025, 9:03 PM IST
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